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मौसमी बीमारियों से चिकित्सालय में लग रही लम्बी लाइनें

मौसमी बीमारियों से चिकित्सालय में लग रही लम्बी लाइनें

सुविधाओं के अभाव में रोगी व परिजन परेशान।


बौंली .  क्षेत्र में इन दिनों मौसम परिवर्तन से बढ़ रहे मौसमी बीमारियों के प्रकोप से घर-घर में मरीजों की तादाद बढ़ने से चिकित्सालय में भी रोगी बढ़ रहे हैं लेकिन मुख्यालय के एकमात्र सबसे बड़े राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में आने वाले मरीजों की दृष्टि से सुविधाएं नहीं होने से रोगियों के साथ साथ आने वाले परिजन भी खासे परेशान रहते हैं। क्षेत्र में इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप होने से इस कदर रोगियों की संख्या बढ़ी है जिससे चिकित्सालय में दिनभर बड़ी गहमागहमी बनी रहती है। सो डेढ़ सौ के लगभग रहने वाला आउटडोर आज 600 के ऊपर पहुंच रहा है। इसमें नीम हकीम व निजी चिकित्सकों के दरवाजों पर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या तो अलग है लेकिन जो मरीज सामुदायिक चिकित्सालय में पहुंच रहे हैं उन्हें चिकित्सक को दिखाने के लिए एकमात्र काउंटर से पर्ची लेने में करीबन आधा से पोनघंटे का समय लग जाता है ।गंभीर रोगी को परिजन तत्काल चिकित्सक को नहीं दिखा पाते ।पर्ची नहीं बनने से चिकित्सक भी मरीज को देखने में आनाकानी करते हैं। इसी के साथ साथ प्रयोगशाला में चले जाएं तो वहां पर भी मरीजों को समय से जांच नहीं मिल पाती। काउंटर से पर्ची बनवाने के लिए अलग से काउंटर लगवाने के लिए क्षेत्र के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन चिकित्सा विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां पर काउंटर पर एनजीओ ने एक कार्मिक लगा रखा है। उसके द्वारा पर्ची बनाने में समय लगना वाजिब है और पर्ची लेने के लिए बच्चे ,वृद्ध, युवा, महिला व गंभीर रोगियों के मरीजों को उसी लाइन में लगकर के घंटों पर्ची लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई बार रोगियों की स्थिति ही खराब हो जाती है। जिन मरीजों के साथ परिजन नहीं होते हैं उन्हें तो विशेष परेशानी उठानी पड़ती है ,दूसरे लोग उनकी पर्चियां बनवा कर उन्हें राहत पहुंचाते हैं। ऐसे ही यहां पर कई चिकित्सक व नर्सिंग कर्मियों के पद रिक्त चले आ रहे हैं लेकिन विभाग का ध्यान नहीं है। सोमवार को भी चिकित्सालय की पर्ची काउंटर पर लंबी लाइन नजर आई वहीं दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों व परिजनों की लाइनें देखी गई। जांच कराने के लिए लेबोरेटरी में विशेष सुविधाएं नहीं होने पर परिजन बाहर निजी लेबों पर जाकर जांच कराने के लिए मजबूर रहतें है।इस बाबत यहां के चिकित्सा प्रभारी डॉ मनीष मीणा से जब बात की गई उन्होंने बताया कि हमारे पास कई चिकित्सक व नर्सिंग कर्मियों के पद रिक्त होने से हमें परेशानी तो हो रही है लेकिन जिस कदर रोगियों की संख्या बढ़ी है उनको उपलब्ध संसाधनों से संभालने  का प्रयास करते हैं। पर्ची लेने के लिए रोगी व परिजन को परेशानी नहीं हो इसके लिए अधिकारियों को अवगत कराया गया है। सप्ताह के अंदर अलग से काउंटर लगाया जाएगा। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी व संबंधित ठेकेदार को अवगत करा दिया गया है।

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