उदट में जन समस्याओं का अंबार, लोग परेशान
बाप। बाप उपखंड की ग्राम पंचायत उदट में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों को पीने का मीठा पानी मयस्सर नही हो रहा है। आवागमन के लिए सुगम सड़क नहीं है। चिकित्सा के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बिजली भी सुचारू नहीं मिल रही है। गर्मी के दिनो में बिजली के अभाव में लाेगों के हाल बेहाल हो जाते है। ग्रामीणों का आरोप है कि उदट में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन उनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। चुनाव के समय काफिले के साथ आने वाले नेता भी दोबारा चुनाव आने पर ही गांव में नजर आते है। बड़ी बड़ी बाते कर आश्वासन की लोलीपोप देकर गायब हो जाते है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहनसिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि उदट गांव में संचालित राउमावि में 450 नांमाकित है। लेकिन शिक्षक महज चार ही है। शिक्षको के अभाव में बच्चो की पढाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उदट में उप स्वास्थ्य तक नहीं है। ग्रामीणों को छोटी छोटी बीमारी के लिए कई किलोमीटर दूर लूणा या अन्यंत्र जाना पड़ता है। लाखो खर्च कर उच्च जलाशय बनाया, लेकिन पानी नहीं आ रहा है। मोहनसिंह ने बताया कि उच्च जलाशय को खिदरत से जोड़ा गया है, लेकिन बीच में पाइन लाइन में कई जगह लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिये, जिससे उदट में पानी नहीं पहुंच रहा है। हालात यह है कि लोगों को 2 से 3 हजार रूपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है। पशुधन बाहुल्य होने से पशुपालको के सामने पानी की व्यवस्था करना बड़ी मुश्किल बना हुआ है। उदट गांव में आने वाली लाइन भी 15 किमी दूर जीएसएस से आ रही है। दूरी की अधिकता से लाइन में बार बार फॉल्ट आ जाता है। गर्मियों में पांच पांच दिन तक बिजली नहीं आती है। गांव को जोड़ने वाली सड़के बदहाल स्थिति में है। सड़के जगह जगह से टुट कर िबखर चुकी है। आए दिन लोग गिरकर चौटिल हो रहे है। ग्रामीणों ने कहा कि उदट नई पंचायत बनी, तब उम्मीद बंधी कि अब जन समस्याओं से निजात मिलेगी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि जन समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन किये, भूख हड़ताल पर बैठे। मगर ग्रामीणो की सुनी किसी ने नहीं।