बाल विवाह, बाल श्रम और बाल शोषण रोकने हेतु किया जागरूक
मेड़ता | समीपवर्ती कस्बा लाम्बा जाटान में राजस्थान महिला कल्याण मंडल चचियावास के द्वारा एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के सहयोग से एक्सेस टू जस्टिस परियोजना के सम्बन्ध में महिलाओं एवं पुरुषों तथा बच्चों समुदाय के लोगों के साथ में बाल विवाह रोकथाम हेतु विशेष जानकारी देते हुए कम्युनिटी सोशल वर्कर जुगल सिंह सोलंकी ने बताया कि 18 वर्ष से पहले लड़की 21 वर्ष का लड़का की आयु इन दोनों में से किसी एक की अगर आयु से पहले शादी की जाती है तो वह बाल विवाह का जाता है। और हमें हमारे रिश्तेदार परिवार समुदाय मैं अगर कहीं भी 18 वर्ष की लड़की तथा किस 21 वर्ष का लड़का पर इनमें से कहीं भी इस उम्र से पहले अगर शादी होती है. तो वह कानूनी रूप से मान्य नहीं होती है जिसमें हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम इस प्रकार की कोई भी शादी होती है तो हम उस शादी में सम्मिलित नहीं होना चाहिए और ना ही शादी का सहयोग करना चाहिए अगर इस प्रकार से शादी होती है।तो शासन प्रशासन और ग्रामपंचायत को सूचनार्थ करके उस आदि को रुकवाने में सहयोग प्रदान करें या प्रयास किया जा सकता है। तथा बाल श्रम बाल शोषण बाल तस्करी आदि मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई साथ में राजस्थान सरकार की एवं भारत सरकार की जो जनकल्याणकारी योजनाएं बनी हुई है उन योजनाओं पर विशेष समुदाय के साथ में चर्चा की गई है और जानकारी दी गई है बच्चों और महिलाओं कहा की हमारे क्षेत्र में कहीं भी इस प्रकार की कोई भी घटना होगी तो जरूर आपको बताएंगे साथ मैंने उनको बताया कि अगर किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत है बाल संरक्षण हेतु अगर कहीं गई उनका अधिकारों का हनन हो रहा है बच्चों का तो आप सीधे 1098 पर फोन कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए इस नंबर का आवश्यक रूप से आप उपयोग करें। इस अवसर पर राष्ट्रीय विकलांग एशोसिएन के प्रदेशध्यक्ष सुरेश सरगरा सरपंच गुलाब देवी सरगरा राजेन्द्र सिंह कानाराम मेघवाल बुधाराम सुगनाराम रतनलाल महेन्द्र नाथ कमरूदीन भागूनाथ सहित कई ग्रामीण मौजूद थे |