माता पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007
भीलवाड़ा। बुजुर्गों के साथ हो रही उत्पीड़नात्मक घटनाओं की रोकथाम की दृष्टि से सरकार द्वारा पारित माता पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 की जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सत्यपाल जांगिड़ ने दी।
उन्होंने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन जिनके पुत्र, पुत्री, पोत्र द्वारा उनकी सही ढंग से देखभाल नहीं करते हैं, परेशान करते है तथा सम्पति पर जोर जबरदस्ती प्राप्त करने का प्रयास करते है या वृद्धजन माता-पिता से मार पीट करते है तो वृद्धजन उक्त अधिनियम के तहत सहायता हेतु आवेदन कर सकते हैं। उक्त अधिनियम जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में दिनांक 29 दिसम्बर, 2007 को लागू किया गया है। अधिनियम के तहत् उपखण्ड अधिकारी के यहां पीड़ित प्रार्थी - उपस्थित होकर सादे कागज पर सहायता हेतु आवेदन कर सकता है। प्राप्त आवेदन का निस्तारण सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी महोदय द्वारा 90 दिवस के अन्दर करना आवश्यक है ।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक श्री सत्यपाल जांगिड़ ने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत् भीलवाड़ा में विभिन्न उपखण्ड अधिकारी के स्तर पर 39 प्रकरण प्राप्त हुये जिसमें से 6 प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है । एवं शेष 33 प्रकरण समयावधि में होने पर 90 दिवस में निस्तारण कर दिया जावेगा । अधिनियम के तहत जिला कलक्टर स्तर पर भी एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें जिला कलक्टर महोदय द्वारा प्रत्येक त्रैमास में बैठक आयोजित कर उक्त अधिनियम में तहत् प्राप्त प्रकरणो पर चर्चा की जाती है।