पंजाब में AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक भाजपा में शामिल
नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने सोमवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौरमाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह भाजपा में शामिल हुए।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए तीनों नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताकर भाजपा से जुड़ने वाले नेताओं के साथ मिलकर पंजाब के हर घर तक विकास और शांति पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
ढिल्लों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, पंजाब में विकास और तरक्की के लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के तीन विधायक भाजपा में आए हैं, जिनमें राज्य सरकार के एक कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं। साथ ही उन्होंने आने वाले समय में और नेताओं के भाजपा से जुड़ने की संभावना जताई।
भाजपा नेताओं ने इस मौके पर पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के सह-प्रभारी वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और गैंगस्टरों की गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार से असंतुष्ट कई विधायक अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई।
भाजपा में शामिल हुए हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने पंजाब में उद्योगों की स्थापना की जरूरत पर भी जोर दिया। पठानमाजरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से नशे के खिलाफ तय की गई समय-सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि इस दिशा में ठोस कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब को कर्ज, नशे और गैंगस्टरों की समस्या से बाहर निकालने के लिए भाजपा की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण का उदाहरण देते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब में भी ऐसी ही व्यवस्था कायम हो सकती है।
वहीं, भाजपा में शामिल हुए कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब सरकार के नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के प्रभाव को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा उन्होंने स्वाति मालीवाल से जुड़े विवाद और एक व्यक्ति की पंजाब में कथित मौजूदगी को लेकर भी आरोप लगाए। विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उनके अनुसार पंजाब में संविधान और शासन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले इस घटनाक्रम का असर राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।