मकराना उपखंड अधिकारी ने राजकीय उप जिला चिकित्सालय व नगर परिषद कार्यालय का किया निरीक्षण
मकराना. उपखंड अधिकारी जेपी बैरवा ने मंगलवार को राजकीय उप जिला चिकित्सालय व नगर परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने अनियमिताओं को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। आपको बता दें कि उपखंड अधिकारी जेपी बेरवा सबसे पहले राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने चिकित्सालय की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और चिकित्सालय प्रभारी डॉक्टर फारूक मनिहार को तीन दिवस के अंदर सफाई व्यवस्था को सुधारने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। वही प्रसव के लक्ष्य को लेकर भी एसडीएम ने चिकित्सा कर्मियों से जानकारी ली तो पता चला कि मकराना क्षेत्र में लगभग 150 प्रसव प्रति महीने हो रहे हैं, लेकिन राजकीय उप जिला चिकित्सालय में केवल 8 प्रसव हो रहे हैं, जिसको लेकर भी उन्होंने राजकीय चिकित्सालय में ही अधिक से अधिक प्रसव करने के निर्देश दिए हैं। वही उपखंड अधिकारी ने चिकित्सालय में उपचारित मरीजों से भी चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तो कई मरीजों ने चिकित्सालय से बाहर से जांच करवाने व दवाईयां बाहर से मंगवाने की बात कही है, जिस पर भी उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक कर्मियों व कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर का भी अवलोकन किया और रिपोर्ट बनाकर जिला कलेक्टर को प्रेषित करने की बात कही है। इसके बाद उपखंड अधिकारी पास में स्थित नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर के बारे में जानकारी ली और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की मौके पर ही क्लास भी ली है। इस दौरान एसडीएम को नगर परिषद कार्यालय में मौजूद पार्षद इरशाद गैसावत, कांग्रेसी नेता असलम चौधरी, पार्षद पुत्र अब्दुल मन्नान भाटी, बीजेपी नेता महेंद्र रांदड, ने शिकायत करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया के बारे में पार्षदों को भनक तक नहीं लगती है, इसलिए टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए। साथ ही पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में सड़कों का निर्माण किया गया है सफाई कर्मचारी कंप्यूटर का काम करते हैं उसको लेकर भी उन्होंने शिकायत की है। जिस पर एसडीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। एसडीएम जेपी बैरवा ने बताया कि उप जिला चिकित्सालय व नगर परिषद कार्यालय का निरीक्षण किया गया है, जिसकी मौका रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों व जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी और जो अनियमिताएं मिली है उन पर आवश्यक कार्यवाही भी होगी।