फलोदी में मैकेनिक का शव नहर में मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
- पोस्टमार्टम में देरी से भड़के ग्रामीण, कलेक्टर कार्यालय पर दिया धरना, एसडीएम के आश्वासन के बाद शांत हुए लोग
- लोर्डिया पंपिंग स्टेशन के पास मिला शव, ससुराल पक्ष पर परिजनों ने जताया शक
फलोदी। शहर के नागौर रोड पर डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले मैकेनिक बंशीलाल (33) पुत्र नेनूराम मेघवाल का शव 16 अगस्त की रात करीब आठ बजे राजीव गांधी लिफ्ट नहर के पम्पिंग स्टेशन नंबर-6 के पास लोर्डिया की जाली में फंसा हुआ मिला। शव की पहचान उसके भाई श्रवण राम ने की। रविवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मोर्चरी में पोस्टमार्टम शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, बंशीलाल की नागौर रोड पर अपनी दुकान थी और वह लंबे समय से वाहन डेंटिंग-पेंटिंग का काम कर रहा था। मूल रूप से वह मेघवालों की ढाणी, सिहड रूपावत नगर ग्राम पंचायत जालोडा (थाना लोहावट) का रहने वाला था। वह नौ भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। परिजनों की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अगस्त की शाम को बंशीलाल अपने जीजा जगमाल राम और लीलाराम के पास निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय के पास गया था। वहीं खाना खाकर रात को सो गया। लेकिन रात एक बजे जब लीलाराम की नींद खुली तो बंशीलाल वहां नहीं था। उसका मोटरसाइकिल वहीं खड़ा मिला। जब फोन किया गया तो उसने जवाब दिया कि वह नागौर चौराहे पर है और थोड़ी देर में लौट आएगा। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह घर नहीं लौटा। भाई श्रवण राम ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आशंका जताई कि बंशीलाल की हत्या की गई है। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। इसी कारण उसकी जान ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार रात शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। लेकिन सुबह समय पर पोस्टमार्टम नहीं होने से परिजन और ग्रामीण नाराज़ हो गए। उनका कहना था कि बाहर से बुलाए गए डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे। इससे आक्रोशित लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। मौके पर पहुंची एसडीएम पूजा चौधरी ने कलेक्टर से बात कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीण मोर्चरी लौटे और दोपहर बाद पोस्टमार्टम शुरू हो सका। मृतक बंशीलाल की शादी वर्ष 2013 में मोखेरी गांव में हुई थी। उसकी 11 वर्षीय पुत्री, 9 वर्षीय पुत्री और 8 वर्षीय पुत्र है। परिजनों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से पति-पत्नी में अनबन चल रही थी और पत्नी मायके में रह रही थी। कई बार पंचायत भी हुई लेकिन विवाद का समाधान नहीं निकला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।