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मलेरिया नियंत्रण के लिये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग संचालित करेगा क्रेश कार्यक्रम

मलेरिया नियंत्रण के लिये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग संचालित करेगा क्रेश कार्यक्रम

नाथद्वारा। राजसमंद जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आगामी 1 अप्रेल से 14 मई तक मलेरिया क्रेश कार्यक्रम के प्रथम चरण का आयोजन कर शहरी एवं ग्रामीण क्षैत्रो में मच्छर रोधी गतिविधियां आयोजित करेगा तथा आशा सहयोगिनीयां एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता आमजन से संपर्क कर उन्हें प्रति सप्ताह रविवार को सूखा दिवस मनाने के लिये प्रेरीत करेगी। यह जानकारी सी एम एचओ डॉ हेमंत कुमार बिंदल ने दी।

 

उन्होंने बताया जिले में प्रथम चरण के दौरान सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को निर्देशित किया गया है की बायोलोजिकल कंट्रोल के तहत चिकित्सा संस्थानो पर स्थित हैचरी को क्रियाशील की जायेगी तथा स्थाई जल स्त्रोतो से लार्वा भक्षी गम्बूचिया मछलीयां डाली जायेगी।एन्टीलार्वा गतिविधियों के तहत साफ पानी कुंए, बावड़ी, टेंक तालाब, टांके, सीमेन्ट टेंक, कुलर में टेमीफॉस, गन्दे पानी में एम.एल.ओ डाला जायेगा तथा आमजन को घर के आस - पास से गन्दे पानी के निकासी की व्यवस्था करने तथा घर के अंदर साफ पानी के पात्रो को प्रति सप्ताह खाली कर सूखाने के लिये प्रेरीत किया जायेगा।

 

सभी चिकित्सा संस्थानो पर लार्वा प्रदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये निर्देशित किया गया जिससे वहां आने वाले लोगो को मच्छरो के लार्वा के बारे में जानकारी देकर नष्ट करने के लिये बताया जा सके।सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगिनीयों के सहयोग से समुदाय को प्रति सप्ताह रविवार को सुखा दिवस आयोजित करने के लिये प्रेरीत किया जायेगा जिसके तहत घर में कुलर, टंकी, परिण्डे एवं पानी के अन्य पात्रो को पूरी तरह खाली कर सूखाया जाये जिससे उनमें मच्छरो के लार्वा नही पनपे तथा मलेरिया , डेंगु जैसी बिमारीयों की प्रभावी रोकथाम हो सके।उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को मलेरिया रोकथाम के लिये क्षमता संवर्धन , चिकित्सा संस्थानो पर आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा रेपिड रेस्पांस टीमो का गठन कर पॉजिटिव केस मिलने पर आवश्यक कार्यवाही करने तथा हाईरिस्क मरीजो को चिन्हीत करने के लिये निर्देशित किया।क्या है मलेरिया रोग और लक्षण मलेरिया एक गंभीर और कभी - कभी घातक रोग भी हो जाता है।

 

यह मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के लगभग 10 - 15 दिन बाद शुरू होते है, जिसमें तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना , उलटी , सिरदर्द, दस्त, थकान, शरीर में दर्द , पीली त्वचा जैसे लक्षण मरीज में नजर आते है। सीएमएचओ ने किसी भी व्यक्ति में ऐसे लक्षण महसूस होने पर राजकीय चिकित्सा संस्थानो पर संपर्क करने के लिये कहा है , सभी चिकित्सा संस्थानो पर मलेरिया का उपचार पूरी तरह निःशुल्क है।

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