प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं उपचार के लिए चिकित्सा विभाग ने जारी किए निर्देश
हनुमानगढ़। जिले में आधी व बरसात के मौसम के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्राकृतिक आपदा (तेज अंधड, तूफान, तीव्र गर्जन एवं बिजली गिरना) के चलते चिकित्सा संस्थानों में बचाव, उपचार, रोकथाम सहित अन्य व्यापक इंतजाम करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी चाहर ने समस्त चिकित्सा संस्थानों को निर्देश जारी किए कि जिले में तेज अंधड, तूफान, तीव्र गर्जन एवं बिजली गिरना आदि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा सम्भावित बाढ़, अतिवृष्टि, आपदा के दौरान होने वाली जलजनित एवं मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए भी चिकित्सा संस्थान अपने-अपने क्षेत्र में बचाव, उपचार एवं रोकथाम की कार्यवाही करें।
डॉ. चाहर ने बताया कि जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ को अपने मुख्यालय पर ही रहने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्टॉफ पर सभी प्रकार की छुटिटयों पर प्रतिबंध रहेगा। अति आवश्यक स्थिति में ही स्टॉफ की छुट्टी मंजूर की जावेगी। समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 24 घंटे खुले रखे जाएंगे। समस्त चिकित्सा संस्थानों पर बाढ़, अतिवृष्टि के दौरान काम में आने वाली आवश्यक आपातकालीन औषधियां जैसे ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन गोलियां, ओआरएस के पैकेट, फल्यूड, क्लोरो-कवीन एवं प्राइमाक्वीन की गोलियां, कोटरामोक्सा जौल, सीपीएम, पीसीएम आदि स्टाक में रखी जाए। इसके साथ-साथ जीवनवाहिनी एम्बूलेंस एवं स्टाफ को भी 24 घंटे पाबंद रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मरीजों को भर्ती कर उपचार हेतू भी वार्ड में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे बैडस, ट्राली, स्ट्रेचर, विभिन्न औषधियों एवं अतिरिक्त बैडस की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि किसी प्रकार की असामान्य स्थिति होने पर नियंत्रण कक्ष 01552-261190 पर आवश्यक रूप से सूचना देवें।