कृषि कॉलेज में गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश
Sri Ganganagar : अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस (26 जून) के उपलक्ष्य में चल रहे “नशा मुक्त भारत सप्ताह” के तहत राजकीय कृषि महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव और जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के नेतृत्व में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान नशे के सामाजिक, आर्थिक और मानसिक दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक भावनात्मक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें नशे की लत से व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिल्म ने छात्रों को यह सोचने पर मजबूर किया कि नशा किस तरह धीरे-धीरे जीवन के सपनों और संभावनाओं को खत्म कर देता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के सामने आज सबसे बड़ा सवाल अपने भविष्य और नशे के बीच सही चुनाव का है। उन्होंने कहा कि सफलता और नशा एक साथ नहीं चल सकते, इसलिए युवाओं को अपने सपनों और लक्ष्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और अपने मित्रों, परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश का युवा वर्ग स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और नशामुक्त होगा।
अंत में सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा नशे के खिलाफ जन-जागरण अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वी.एस. नैण, डॉ. एल.के. जैन, रघुवीर मीणा, पूर्णराम गोदारा, अमीलाल और डॉ. बी.एस. मीणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।