विधायक कुमावत ने ओड व भाट जाति वर्ग के लोगो के सामाजिक उत्थान की मांग की।
सुमेरपुर। राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी स्थगन नियम 50 के अंतर्गत ओड व भाट जाति के आर्थिक व शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाने के सम्बन्ध में मांग की |सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने विधानसभा सदन में बताया कि राजस्थान में ओड जाति लगभग 22 जिलो में निवास करती है | ओड जाति गरीब जन जाति है | इस जाति के लोग पत्थर की खानों में, खेतो में भेड़ बकरियां चराने, तालाब, बाँध, नहर, किलो के निर्माण में मजदूरी का कार्य आदि काल से करते आ रहे है | ओड जाति आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक व राजनैतिक रूप से अत्यंत पिछड़ी जाति है | इस गरीब समाज को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए ओड विकास बोर्ड का गठन कराने की मांग की जिससे इस पिछड़े समाज का शैक्षणिक आर्थिक स्तर ऊपर उठ सके व समाज की मुख्य धारा में आगे बढ़ सके |
बंजारा व भाट जाति के लोगो का जिक्र करते हुए विधायक कुमावत ने सदन में बताया कि पाली, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, नागोर, श्रीगंगानगर, जोधपुर जिलो में निवास करने वाले ओबीसी वर्ग के बंजारा व भाट जाति के लोग आदिकाल से अनाज, खाद्य सामग्री, युद्ध के समय आवश्यक सामग्री काबुल के म्यांमार तक बैलगाड़ियो से परिवहन का कार्य करते थे, वर्तमान में ये पशुपालन, खेती, मजदूरी का कार्य करते है | शैक्षणिक व आर्थिक रूप से ये पिछड़ी जाति है | वर्तमान में बंजारा जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया है | उप जाति भाट को शामिल नहीं किया गया है | जबकि बंजारा व भाट एक ही जाति है | विधायक कुमावत ने राज्य सरकार द्वारा गुर्जर, देवासी, गाडोलिया लोहार, जातियों की उपजाति को भी अति पिछड़ा वर्ग में जोड़कर आरक्षण का लाभ देने की तर्ज पर भाट जाति को भी अति पिछड़ा वर्ग में जोड़ने की मांग की जिससे इस जाति वर्ग का भी शैक्षणिक व आर्थिक स्तर ऊपर उठ सके व समाज की मुख्य धारा में आगे बढ़ सके |