मोमिन भाइयों ने माहे रमजान की 27 वीं सब में की इबादत मांगी दुआएं
सोजत। पवित्र माहे रमजान में तीसरा अशरा की ताक रातों में सत्ताइस वीं रमजान की रात को सबसे अफजल माना गया है। माना गया है कि इसमें मांगी गई दुआएं कबूल होती हैं और गुनाह पाप बख्श दिए जाते हैं। 27 वी रात को लेकर शहर की सभी मस्जिदों में रौनक रही। मोमिन भाइयों ने रात भर नफील नमाजे पढ़ी, कुरान की तिलावत कर इबादत की तथा देश में अमन चैन खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगी। औरतों ने भी घर में रात भर जागकर इबादत की तथा अपने गुनाहों की बक्सीस के लिए दुआएं मांगी। मस्जिदों के इमाम तथा कुरान हाफिज का दस्तारबंदी कर इस्तकबाल भी किया गया। मस्जिदों व मोहल्लों को भी दुल्हन की तरह सजाया गया । बच्चों ने खीर शरबत बनाकर तक्सीम किए। सुबह सहरी कर रोजे रखे। माहे रमजान में अबकी बार 5 जुमै आए आखरी जुम्मा इक्कीस अप्रैल को होगा। इक्कीस को चांद दिखने पर बाइस को ईद मनाई जाएगी। ईद को लेकर बाजारों में भी खूब रौनक है और जमकर खरीदारी की जा रही है।