राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज
दौसा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दौसा द्वारा वर्ष 2024 की प्रथम ऑनलाईन / ऑफलाईन राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन द्वितीय शनिवार को किया जावेगा। ऑनलाईन / ऑफलाईन राष्ट्रीय लोक अदालत प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) हेतु 138 एन. आई एक्ट धन वसूली मामलों, श्रम एवं नियोजन संबंधी, बिजली पानी व अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण, भरणपोषण, राजस्व विवाद, पैमाईश एवं डिविजन ऑफ होलिं्डग, सिविल विवाद, सर्विस मामले उपभोक्ता मामलों से संबंधित प्रकरणों तथा अन्य प्रकरणों में और न्ययालय में लबित प्रकरणों के संदर्भ में ऑनलाईन / ऑफलाईन राष्ट्रीय लोक अदालत राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, बैंक अनादरण, धन वसूली मामले, एम.ए.सी.टी. मामले, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण (अशमनीय के अलावा), वैवाहिक, भरणपोषण एवं घरेलू हिंसा विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिकरण से संबंधित प्रकरण, सभी प्रकार के सर्विस मैटर, सभी प्रकार के राजस्व विवाद, पैमाइश एवं डिविजन ऑफ होलिं्डग सहित, वाणिज्यिक, बैंक, गैर सरकारी शिक्षण संस्थान, सहकारिता, परिवहन, स्थानीय निकाय, रियल एस्टेट, रेलवे क्लेमस, आयकर अन्य कर, उपभोक्ता एवं विकेता से संबंधित विवादों, सिविल मामलों एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों के संबंध में भी आयोजित की जावेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दौसा की सचिव (अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश) प्रेमलता सैनी द्वारा बताया कि दौसा न्यायक्षेत्र में न्यायालयों में लंबित राजीनाम योग्य फौजदारी प्रकरणों, धारा 138 एनआईएक्ट, मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, वैवाहिक विवाद के प्रकरणों, राजस्व प्रकरणों, उपभोक्ता प्रकरणों में से कुल 11584 प्रकरणों को राजीनामा से निस्तारण हेतु चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रिलिटिगेशन के भी 7334 प्रकरणों, इस प्रकार कुल 18918 प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हित किया गया है।
सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि श्रीमान राजेन्द्र कुमार, जिला एवं सैशन न्यायाधीश दौसा द्वारा प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण हेतु न्यायक्षेत्र में कुल 12 राष्ट्रीय लोक अदालत बैंचों का गठन किया गया है। सचिव द्वारा यह भी बताया गया है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों द्वारा पक्षकारों को नोटिस जारी किये गये हैं जिन पक्षकारों को नोटिस नहीं पहुँचा है वे भी 09 मार्च को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर उपरोक्त प्रकृति के प्रकरणों को लोक अदालत की भावना से आपसी राजीनामा से फैसला करवा सकते हैं।