किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट ने खरीद केन्द्र का किया निरीक्षण
सरवाड़. किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट सोमवार ने यहां कृषि उपज मंडी में क्रय विक्रय सहकारी समिति के द्वारा की जा रही सरकारी खरीद का औचक निरीक्षण ओर खरीद केन्द्र पर मौजूद किसानो से खरीद को लेकर बातचित की। जाट ने इस दौरान केन्द्र पर मोजूद समिति व्यवस्थापक सोहन सिंह से ग्रेडिग, टोकन व भुगतान की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली ओर कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए सभी व्यवस्था बनाये। राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट ने बताया कि वर्ष 2018 से प्रभाव में आई प्रधानमंत्री अन्न दाता आय सरक्षण अभियान योजना अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य की सुनिश्चित्ता का प्रावधान किया हुआ है। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम प्राप्त होने पर उसके घाटे की भरपाई के लिए अंतर राशि देने का उल्लेख किया हुआ है। किसानो को हुए घाटे की भरपाई का दायित्व केंद्र सरकार का है किन्तु योजना प्रभाव में आने के 4 वर्ष पूर्ण होने पर भी सरकार ने इसकी पालना अभी तक नही की है। केंद्र सरकार तिलहन उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की घोषणा करती है किन्तु इस पर काम नही किया जा रहा है। जाट ने बताया कि वर्तमान में न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं बाजार के मूल्यो में अंतर चल रहा है। जिसके चलते राजस्थान की मंड़ियो में मार्च माह में 45.26 लाख क्विंटल सरसों की आवक रही है, जिसे ओसत के रूप में 700 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि के आधार पर किसानो को घाटा हो चुका है। जाट ने बताया कि गत वर्ष एक क्विंटल सरसों के दाम 8000 रुपये तक किसानों को प्राप्त हुए थे। भारत सरकार के अनुसार भी सरसों के औसत मूल्य 7444 रुपये प्रति क्विंटल रहे । इस वर्ष एक क्विंटल सरसों के लिए किसानों को 3000 रुपये तक कम दाम प्राप्त हो रहे हैं। इस दौरान पूर्व न्यायाधीश श्रीकिशन गुर्जर, संघ प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, रामेश्वर प्रसाद चौधरी, जिला अध्यक्ष बालुराम भीचर, किसान संघ प्रहलाद जाट, रामस्वरूप निठारवाल सहित किसान मौजूद रहे।