कन्या महाविद्यालय में मनाया राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस
बूंदी। राजकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर संदीप यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि टीका व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक प्रक्रिया है जो बच्चे के जन्म से पूर्व ही आरंभ हो जाती है ताकि गर्भावस्था के दौरान बच्चे पर किसी घातक बीमारी का असर न हो सके। इसलिए टीकों के प्रति जागरूक रहकर हर बच्चे का टीकाकरण पूर्ण करवाना चाहिए।
कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा 15 से 18 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाओं के लिए कोविड वैक्सीन का प्रयोग करवाया गया था। वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना का भी टीका भी लगाया गया ताकि कोरोना से आमजन बच सके। इतिहास विभाग से डॉक्टर चंपा अग्रवाल ने भारत में टीकाकरण के इतिहास के विषय में अपना व्याख्यान दिया उन्होंने कहा कि 16 मार्च 1995 में सर्वप्रथम सरकार द्वारा पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का श्रीगणेश किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 1914 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था, इसलिए 16 मार्च को ही भारत में टीकाकरण दिवस मनाया गया। वर्ष 2024 की टीकाकरण की थीम है टीके सभी के लिए काम करते हैं इसलिए हर व्यक्ति को टीकाकरण जागरूकता अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉक्टर मनीलता पचानौत द्वारा छात्राओं को टीकों के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया गया। वाणिज्य विभाग की मुस्कान गोदीका द्वारा बाल्यावस्था में लगने वाले टीकों के विषय में छात्राओं को जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।