संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत, जयशंकर ने उठाई आवाज
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 81 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र दिवस पर कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए बहुपक्षीय व्यवस्था में बदलाव जरूरी है, ताकि वैश्विक संस्थाएं आज की दुनिया की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सकें।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को मजबूत करने, देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आकांक्षाओं का समर्थन करता रहेगा।
विदेश मंत्री का यह बयान संयुक्त राष्ट्र में सुधार को लेकर भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दर्शाता है। भारत का कहना है कि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की संरचना में भी समय के अनुसार बदलाव होना चाहिए। विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग भारत लगातार उठाता रहा है।
भारत चाहता है कि वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रिया में विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को भी उचित स्थान मिले। नई दिल्ली के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधिक और प्रभावी बनाने से वे मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगी।
इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय ने भी संयुक्त राष्ट्र दिवस के मौके पर एक ऐतिहासिक दस्तावेज की झलक साझा की। कार्यालय ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर की प्रस्तावना की मूल पांडुलिपि प्रदर्शित की, जिसमें हाथ से लिखी गई टिप्पणियां भी शामिल हैं। यह दस्तावेज चार्टर को तैयार करने की प्रक्रिया और उसके पीछे की सोच की जानकारी देता है।
संयुक्त राष्ट्र के इतिहास के अनुसार, 81 वर्ष पहले सैन फ्रांसिस्को में 50 देशों ने एक साझा उद्देश्य के साथ मिलकर काम किया था। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करना, समृद्धि को बढ़ावा देना और मानवाधिकारों की रक्षा करना था। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उस समय निर्धारित ये उद्देश्य आज भी प्रासंगिक हैं।
हर साल 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर लागू हुआ था, जिसे संगठन की औपचारिक स्थापना का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। चार्टर के लागू होने के लिए सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों सहित आवश्यक देशों की मंजूरी मिली थी।
संयुक्त राष्ट्र दिवस देशों को साझा वैश्विक लक्ष्यों और चार्टर में दर्ज सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर देता है। संगठन की 81वीं वर्षगांठ पर भी वैश्विक सहयोग को मजबूत बनाने, बहुपक्षीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी करने और संस्थागत सुधारों की जरूरत अंतरराष्ट्रीय चर्चा के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।