नेतन्याहू का बड़ा बयान, बोले- ईरान और हमास के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं होगी
तेल अवीव। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ईरान और उसके सहयोगी संगठनों हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ उनकी सरकार की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि "पूरी जीत" हासिल करने का लक्ष्य अब भी कायम है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इजराइल ने अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत किया है और अपने विरोधियों को काफी हद तक कमजोर करने में सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, देश पहले से अधिक मजबूत स्थिति में खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने हमास, हिजबुल्लाह और ईरान से जुड़े कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने, गाजा, लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में बफर जोन तैयार करने जैसे कदमों को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के साथ संघर्ष में कुछ ऐसे लक्ष्य थे, जिन्हें पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सका। इनमें ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना और वहां राजनीतिक बदलाव को समर्थन देना शामिल था।
नेतन्याहू ने क्षेत्रीय कूटनीति पर भी संकेत दिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या इजराइल सऊदी अरब सहित अन्य देशों के साथ नए शांति समझौते की दिशा में बढ़ रहा है, तो उन्होंने किसी देश का नाम लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई देश इस प्रक्रिया में शामिल हैं और कुछ के साथ सकारात्मक संपर्क जारी हैं।
उन्होंने लेबनान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जिनकी पहले किसी ने कल्पना नहीं की थी। नेतन्याहू का कहना था कि जब कोई देश मजबूत होता है तो दूसरे देश उसके साथ साझेदारी और शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
प्रधानमंत्री के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा और कूटनीतिक हालात लगातार बदल रहे हैं और क्षेत्र में तनाव के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरण भी बनते दिखाई दे रहे हैं।