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निर्मला सीतारमण का विपक्ष पर हमला— देशहित में साथ आने के बजाय कर रहे हंगामा

निर्मला सीतारमण का विपक्ष पर हमला— देशहित में साथ आने के बजाय कर रहे हंगामा

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य जनता को उम्मीद न देते हुए गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान, वित्त मंत्री ने राहुल गांधी और अन्य सदस्यों के संसद परिसर की सीढ़ियों पर चाय पीने को लेकर भी कटाक्ष किया। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के हंगामे की निंदा करते हुए, "अन्य देशों की स्थितियों के कारण भारत में कुछ मुश्किलें आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कदम उठा रही है। फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य तैयारियों को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन विपक्ष जनता को उम्मीद न देकर गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। हमको इसकी निंदा करनी चाहिए।" सीतारमण ने आगे कहा, "विपक्ष के नेता सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हैं, मगर वे एलपीजी के ऊपर चर्चा की मांग करते हैं। ऐसा हमारा विपक्ष है।"
उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के कारण आई मुश्किल में सभी दलों को पार्टी की रूपरेखा से ऊपर उठकर देशहित में एक साथ आना चाहिए था और सरकार का साथ देते हुए जनता के बीच उम्मीद जगानी थी। नागरिकों को परेशानी न हो, प्रधानमंत्री मोदी पूरी ताकत के साथ उसके लिए मेहनत कर रहे हैं। मगर विपक्ष के सदस्यों ने सिर्फ हंगामे को ही अपना काम मान लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे पर जवाब दिया था। उन्होंने कहा, "बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में तय हुआ कि वित्त मंत्री अपना जवाब देंगी और इसके अलावा, निजी विधेयक को लेकर चर्चा होगी। लेकिन कांग्रेस हंगामा करके अपने सदस्यों के निजी विधेयक के समय को भी समाप्त करना चाहती है।"
राहुल गांधी का नाम लिए बिना किरेन रिजिजू ने कहा, "इनके नेता (राहुल गांधी) नहीं सुधरते हैं तो कांग्रेस के अन्य सदस्य भी नहीं सुधर रहे हैं। आज खुद लोकसभा स्पीकर ने बार-बार कहा कि दो दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद स्थिति सुधरनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस के सदस्य सुधरने के बजाय संसद परिषद में खाने-पीने का सामान लेकर अनुशासनहीनता का काम करते हैं। कांग्रेस के नेता (राहुल गांधी) ही ग्लास-थाली लेकर नाटक कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता सोचते हैं कि नाटकीय कामों से वे जनता का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन जनता विपक्षी सदस्यों की ऐसी हरकतों से नाराज है और इसीलिए ये लोग सत्ता में नहीं आ सकते हैं।"
रिजिजू ने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी में अब कोई ऐसा नहीं बचा है, जो अपने नेता (राहुल गांधी) को समझा सके। क्योंकि उनके नेता के साथ-साथ सारे कांग्रेसी सदस्यों का भी आचरण बिगड़ गया है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों के पास अभी भी समय है। उन्हें अपने आप में सुधार लाना चाहिए, वरना जनता फिर से सजा देगी।

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