जिला अस्पताल में नहीं पीने का पानी
लोगों को बाहर से खरीदनी पड़ रही पानी की बोतलें
इलाज कराने आए ग्रामीण सबसे ज्यादा परेशान
अजमेर . संभाग का सबसे बड़ा माने जाने वाला जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भी पीने के पानी की समस्या से उबर नहीं पा रहा है। पिछले कई माह से अस्पताल में पानी की समस्या बनी हुई है। अस्पताल में लगे चार में से एक भी वाटर कूलर काम नहीं कर रहा है। जिस कारण मरीजों के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारी भी परेशान है। मरीजों के साथ आए परिजनों को पीने के लिए घर से पानी लाना पड़ रहा है या फिर बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।
दूर के गांव से आए मरीज के परिजनों की हो रही जेब ढीली
लोगों का कहना है कि आसपास के गांव से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पानी बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है। एक लीटर पानी 20 रुपए का मिलता है। अस्पताल में भर्ती मरीज के साथ एक या 2 लोग देखभाल के लिए रहते है। उनका एक दिन में कम से कम 4 से 5 लीटर पानी खरीदना पड़ता है तो पानी के लिए 80 से 100 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा कोई मिलने आ जाए तो यह खर्च और भी बढ़ जाता है। अजमेर शहर से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजन तो पीने का पानी घर से लेकर आ जाते हैं, लेकिन आसपास के गांवों से आने वाले लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दिन में तो दूर रात में भी पेयजल की नहीं है सुविधा
मानवाधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश गुप्ता ने बताया कि सुविधा दिन में तो दूर रात्रि में भी पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों के परिजन दिन में परिसर के इर्द-गिर्द से पानी जुटा लेते हैं। कुछ मरीज बाहर लगे हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। जो मरीज दूसरी मंजिल पर बने वार्ड में भर्ती होते हैं, उन्हें सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मरीजों को अधिक बर्तन न होने से पानी जुटाने की समस्या हो जाती है। दिन में तो बाहर घूम कर पेयजल की व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन रात्रि में अधिक समस्या जटिल हो जाती है। जानकारी के अभाव में ग्रामीण अस्पताल के बाहर आने से डरते हैं। मरीज को अकेले छोड़ने की समस्या आती है। ऐसे में कई मरीज तो प्यासे रहकर रात गुजारते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।अस्पताल अधीक्षक डॉ नीरज गुप्ता से संपर्क करने पर बताया कि खराब पड़े वाटर कूलर को ठीक करवा कर समस्या का जल्द ही निदान किया जाएगा। ताकि बाहर से आने वाले मरीज व उनके परिजनों को पानी की समस्या से निजात मिल सके।
अस्पताल परिसर में प्याऊ को ही बना दिया पर्ची काउंटर
1999 में संचालित रोटरी क्लब मिड द्वारा स्वर्गीय श्री कालीचरण अग्रवाल की स्मृति में परिजनों के सहयोग से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल परिसर में एक प्याऊ संचालित की थी लेकिन इसे प्याऊ या मरीजों की बदनसीबी ही कहेंगे जो पिछले कई वर्षों से इस प्याऊ को बंद कर इसके स्थान पर पर्ची काउंटर बना दिया गया। जबकि प्याऊ मैं पानी की टंकी वह पाइप फिटिंग आज भी यथावत है।