अकेले नहीं हैं आप - पुरोहित
जैसलमेर। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा Awareness Module for Senior Citizens के तहत निर्देशों की पालना में ललित पुरोहित सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर द्वारा दंतौर विकास सार्वजनिक पुण्यार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्धाश्रम एवं अमरसागर स्थित बौद्धिक दिव्यांग गृह का निरीक्षण किया गया। वरिष्ठजनों की समस्याओं को सुना गया व सुधार बाबत् उपस्थित वृद्धाश्रम के सचिव को आवश्यक निर्देशित किया गया। वृद्धाश्रम में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधा, आवास, भोजन, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं की जांच की गई। इसके अतिरिक्त समस्त आवासित वृद्धजनों संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई एवं वृद्धजनों के पुनर्वास के संबंध में सशक्त कदम उठाए जाने बाबत् निर्देशित किया गया। उन्होंने बताया कि वृद्धजनों को भरण-पोषण का अधिकारः माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत बुजुर्ग अपने बच्चों या वारिसों से गुजर-बसर के लिए खर्च (भरण-पोषण) पाने का कानूनी हक हैं। संपत्ति की सुरक्षा और वापसीः अधिनियम की धारा 23 के अनुसार, यदि वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति किसी संतान को इस शर्त पर देते हैं कि वे उनकी देखरेख करेंगे व बाद में उपेक्षा करते हैं, तो उस ट्रांसफर/उपहार को रद्द या शून्य घोषित करवाया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा लाभः आयुष्मान भारत योजना एवं अन्य सरकारी योजनाओं के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त या कैशलेस इलाज और अस्पतालों में प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही वित्तीय सुरक्षा और पेंशनः वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष पेंशन योजनाएं और सीनियर सिटीज़न सेविंग स्कीम जैसे निवेश विकल्पों पर बेहतर ब्याज और कर ¼Tax½ छूट के प्रावधान हैं। दुरुर्व्यवहार से सुरक्षाः बुजुर्गों को शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना और उपेक्षा से बचाने का अधिकार है, एवं पुलिस एवं प्रशासन इसके लिए त्वरित कार्रवाई करने के लिए बाध्य हैं