प्रधानाचार्यो का न्यूट्रीशन एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला प्रारम्भ
उदयपुर । राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति नई दिल्ली के तत्वावधान में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित 30 एकलव्य मॉडल रेजिडेन्शियल विद्यालय के प्रधानाचार्यो, शिक्षकों एवं वार्डन का न्यूट्रीशन एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण हरिश चन्द्र माथुर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में शुरू हुआ। शुभारंभ समारोह के अतिथि उपायुक्त इन्द्रा मुद्गल, पब्लिक हेल्थ फाउण्डेशन इण्डिया के निदेशक डॉ. पुष्कर कुमार एवं वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार सुभाष शर्मा थे। मुद्गल ने बताया कि जनजाति क्षेत्र के विद्यार्थियों में न्यूट्रीशन की कमी पाई जाती है, इनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हेतु प्रधानाचार्यो एवं वार्डन का क्षमता संवर्धन 4 मोड्यूल के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गत वर्षों में सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण 54.50 प्रतिशत एनएफएचएस-4 के मध्य 42 प्रतिशत होकर न्यूट्रीशन दर में कमी आई है। किशोरावस्था में विद्यार्थियों में होने वाले बदलाव के लिये उचित मार्गदर्शन के लिए डॉ. प्रीति स्टाफ फेकल्टी ने पहले सत्र में समूह बनाकर किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न भ्रांतियों के संदर्भ में प्रधानाचार्यो व वार्डन की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. पुष्कर कुमार ने 4 दिवस के प्रशिक्षण के 4 मोड्यूल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी एवं बताया कि हम सबके समन्वित प्रयासों से देश की भावी पीढी में जागरूकता विकसित करनी होगी। वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार, सुभाष शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण उपरान्त विद्यालयों में किशोरावस्था, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विद्यार्थियों की व्यक्तिगत काउन्सलिंग करने पर बल दिया।