लिंगानुपात बेहतर करने के लिए अधिकारी नवाचार करें -कलक्टर
कलक्टर ने महिलाओं और बच्चों के विकास को लेकर गठित विभिन्न समितियों की बैठक ली
उदयपुर । जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी मानव तस्करी के प्रकरणों में रेस्क्यू की गई बच्चियों के पुनर्वास और रोजगार हेतु प्रभावी ढंग से काम करें। उन्होंने कहा कि लीक से हट कर काम करने पर ही परिणाम मिलेंगे और हर अधिकारी का कर्तव्य है कि वह कुछ नया करे।
कलक्टर मीणा बुधवार सुबह कलेक्ट्रेट सभागार में वन स्टॉप सेंटर मॉनिटरिंग कमेटी, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स और जिला महिला समाधान समिति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रेस्क्यू किए गए बच्चों के संबंध में फॉलोअप लेने के निर्देश दिए और कहा कि सर्वे करते हुए देखें की रेस्क्यू किए गए बच्चे अभी क्या कर रहे हैं और उनको क्या आवश्यकता है। किसी चीज, सलाह या मार्गदर्शन की आवश्यकता होने पर उनकी मदद करें।
विमंदित महिलाओं-बच्चों को दें संरक्षण :
कलक्टर ने सर्वप्रथम मीटिंग एजेंडा पर चर्चा की और महिलाओं और बच्चों के कल्याण व संरक्षण संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की। कलक्टर ने कहा कि मानसिक विमंदित बच्चों के स्वास्थ्य और रखरखाव के लिए प्लान तैयार करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कई जगहों से मानसिक विमंदित महिलाओं के बच्चे होने की खबरें आती है जिस पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। ऐसी महिलाओं और बच्चों को त्वरित प्रभाव से संरक्षण प्रदान करना प्रशासन का कर्तव्य है। अगर कोई मानसिक विमंदित महिला कहीं दिखे तो उसका पुनर्वास करें एवं संरक्षण प्रदान करें। कलक्टर ने गुड टच-बेड टच का भी स्कूलों में प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश देते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को मुखबीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन करने की बात कही।
लिंगानुपात में लाएं व्यापक सुधार :
लिंगानुपात की समीक्षा दौरान कलक्टर को बताया गया कि जिले का औसत लिंगानुपात 948 है वहीं शहर का 892 है जो जिला औसत से कम है। कलक्टर नेशहर में कम लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की कमी के बावजूद लिंगानुपात सुधरा है और शहर में शिक्षा होने के बावजूद लिंगानुपात कम होना चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आप सभी लिंगानुपात सुधारने के लिए कोई ऐसा प्लान तैयार करें जिससे धरातल पर सुधार आ सके। कलक्टर ने कहा कि जब तक कोई नवाचार नहीं करेंगे तब तक अपेक्षा अनुसार परिणाम नहीं मिलेंगे। कलक्टर ने जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर हर केंद्र पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्र में अधिकाधिक लोगों को शिक्षा से जोड़ेंः
बैठक दौरान कलक्टर मीणा ने ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने ड्रॉप आउट रोकने और महिला शिक्षा पर विशेष फोकस करने की बात कही। कलक्टर ने मुख्यमंत्री के आगामी उदयपुर दौरे की भी जानकारी सभी से साझा की और बताया कि 26 तारीख को मुख्यमंत्री उदयपुर में किसान मेले में शिरकत कर सकते हैं। उन्होंने अधिकाधिक किसानों से किसान मेले में भाग लेने की अपील भी की।
महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक संजय जोशी ने जिले में महिलाओं-बच्चों के कल्याणार्थ चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग, पुलिस विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित रहे।