जिला कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम रथ अभियान को प्रभावी बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित
चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में जिले में संचालित होने वाले ग्राम रथ अभियान को प्रभावी, पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला स्तर के 13 विभागों एवं समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि ग्राम रथ अभियान केवल प्रशासनिक गतिविधि तक सीमित न रहकर जन-जन की भागीदारी से संचालित व्यापक जनजागरूकता अभियान बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा जब जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। इस संबंध में जिला कलक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विधायक, प्रधान, सरपंच एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित कर अभियान में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करें। अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संबंधित उपखंड अधिकारी को समन्वय एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। अभियान की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक दिन आयोजित कार्यक्रमों का सत्यापन स्थानीय सरपंच, ग्राम सचिव अथवा संबंधित अधिकारी से करवाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक ग्राम रथ में सुझाव पेटिका रखी जाएगी, ताकि ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सुधार किए जा सकें। तकनीकी मॉनिटरिंग के तहत सभी ग्राम रथों की लाइव लोकेशन एवं कार्यक्रमों की फोटो डीओएमएस ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएगी। नोडल अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में ईमेल के माध्यम से प्रेषित की जाएगी, जिससे अभियान की सतत निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार जिस ग्राम में रथ पहुंचेगा, वहां ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आमजन के लिए पेयजल, छाया एवं प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन स्थानों पर रात्रि विश्राम निर्धारित है, वहां रथ दल के ठहरने, भोजन एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सांयकालीन कार्यक्रमों में संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंच सके। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने अभियान के क्रियान्वयन, रूट प्लान, मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, उपखंड अधिकारी बीनू देवल सहित सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।