NEET विवाद पर विपक्ष का हमला, संसद में जवाब मांगने की तैयारी
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में रहा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोपों का भी जिक्र करते हुए इन मामलों पर संसद में चर्चा की मांग उठाई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से परीक्षाएं कराने में सक्षम नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंपने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष पेपर लीक और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा चाहता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोपों पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि जवाबदेही तय की जा सके। उनके अनुसार, राम मंदिर से जुड़े आरोपों पर भी सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा की अनुमति देती है तो सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकती है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से नीट परीक्षा का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा से बच रही है, जबकि लोकतंत्र में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस होना जरूरी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर भी चिंता जताते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता।
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए। बर्क ने बताया कि डिंपल यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मुलाकात करेगा और उनकी मांगों के समर्थन में आवाज उठाएगा।