Dark Mode
बेंगलुरु में विपक्षी एकता बैठक, 26 पार्टियां शामिल

बेंगलुरु में विपक्षी एकता बैठक, 26 पार्टियां शामिल

बेंगलुरु. लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को हराने के लिए बेंगलुरु में विपक्षी दलों की दूसरी बैठक आज से शुरू हो रही है। कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने बताया कि इसमें 26 पार्टियां शामिल होंगी। वेणुगोपाल ने कहा- सभी पार्टियों के नेता बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। सोनिया और राहुल गांधी भी आ रहे हैं। आज शाम को सोनिया गांधी ने विपक्षी दलों को डिनर पर बुलाया है। कल बैठक होगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शरद पवार आज बेंगलुरु नहीं आएंगे। दोनों कल की बैठक में शामिल होंगे। पवार के साथ सुप्रिया सुले भी आएंगी। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष की मीटिंग के एजेंडे में तीन बातों पर चर्चा हो सकती है- पहला- लोकसभा चुनाव में विपक्ष की एकजुटता, दूसरा- सीट शेयरिंग और तीसरा- UPA का नया नाम। इस बैठक से तेलंगाना CM के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के CM जगन मोहन रेड्‌डी, आंध्र के पूर्व CM चंद्रबाबू नायडू और ओडिशा के CM नवीन पटनायक ने दूरी बना रखी है। उधर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने 18 जुलाई को दिल्ली के अशोका होटल में NDA की मीटिंग बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। NDA की बैठक पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- मुझे ताज्जुब है कि मोदी जी ने राज्यसभा में कहा था कि मैं सभी विपक्षियों पर अकेला भारी हूं। अगर वो सभी विपक्षियों पर अकेले भारी हैं तो वो कल NDA की मीटिंग में 30 पार्टियों को क्यों बुला रहे हैं। उन 30 पार्टियों का नाम तो बताएं। वे हमारी मीटिंग से घबरा गए हैं।

विपक्ष के नेता के सवाल पर भड़के वेणुगोपाल
मीटिंग से पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, विवेक तन्खा और डीके शिवकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वेणुगोपाल यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और विपक्षी दलों के नेता के सवाल पर पत्रकारों पर नाराज हो गए। उन्होंने कहा- मणिपुर में 75 दिनों से हिंसा जारी है। प्रधानमंत्री इस पर चुप हैं। सरकार चाहती है कि विपक्ष भी चुप रहे। राहुल गांधी की संसद सदस्यता अयोग्य ठहराया जाना जैसे बड़े मुद्दे हैं। देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। इस पर तो आप लोग सवाल नहीं उठाते। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा- कुछ नेता आज नहीं आ रहे हैं कल आएंगे और यह बैठक कल सुबह होने वाली है। 11 बजे बैठक शुरु होगी और शाम 4 बजे सभी पार्टियों के नेता देश को संबोधित करेंगे। लेकिन हमारी पटना के बैठक के बाद अचानक प्रधानमंत्री को NDA का ख्याल आया। NDA में एक नई जान फूंकने की कोशिश की जा रही है।

पिछली बैठक में शामिल हुए थे 17 विपक्षी दल
पहली बैठक 24 दिन पहले 23 जून को बिहार के CM नीतीश कुमार ने पटना में बुलाई थी, जिसमें 17 राजनीतिक दल शामिल हुए थे। इस बार विपक्षी कुनबे को और मजबूत करने के लिए 8 और दलों को न्योता भेजा गया है। पहली बैठक में जनता दल यूनाइटेड (JDU), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), आम आदमी पार्टी (AAP), द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK), तृणमूल कांग्रेस (TMC), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सिस्ट CPM, CPI (ML), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), सपा, JMM और NCP शामिल हुए थे।

8 नए दलों को मिलाकर 26 पार्टियों के नेता आने की संभावना
इस बार विपक्षी कुनबे को और मजबूत करने के लिए 8 और दलों को न्योता भेजा गया है। इनमें मरूमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK), कोंगु देसा मक्कल काची (KDMK), विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस (जोसेफ) और केरल कांग्रेस (मणि) ने हामी भरी है। इन नई पार्टियों में से KDMK और MDMK 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान BJP के साथ थीं।

2024 में BJP को हराना बैठक का मकसद
विपक्ष की बैठक का मकसद मौजूदा मोदी सरकार के खिलाफ 2024 के आम चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश है। नीतीश कुमार का कहना है कि अभी सभी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष में प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा? इस पर चर्चा नहीं की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी टॉप अपोजिशन लीडर्स को अगली बैठक में शामिल होने के लिए न्योता भेजा था। उन्होंने चिट्ठी में लिखा था कि विपक्षी एकता को लेकर चर्चाओं को जारी रखना है।

दिल्ली अध्यादेश पर कांग्रेस का साथ मिलने के बाद AAP भी शामिल होगी
पहले दिल्ली के CM केजरीवाल के आने पर भी संशय बना हुआ था, लेकिन कांग्रेस ने रविवार को दिल्ली में केंद्र की तरफ से लाए गए अध्यादेश के खिलाफ AAP को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके बाद केजरीवाल ने मीटिंग में शामिल होने की बात कही। दरअसल, पहली बैठक में केजरीवाल ने दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस के स्टैंड को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने समर्थन नहीं दिया तो वे दूसरी बैठक में नहीं आएंगे। पटना की बैठक में शामिल 15 दलों में से 12 दलों का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में है। कांग्रेस को मिलाकर सभी 12 दलों ने केंद्र के अध्यादेश को लेकर AAP का समर्थन किया है। सभी पार्टियों ने राज्यसभा में इसका विरोध करने की बात कही है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!