कर्त्तव्य बोध दिवस का आयोजन
दौसा. स्वामी विवेकानन्द तथा सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर स्वर्गीय पंडित नवलकिशोर शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दौसा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) की कॉलेज इकाई के तत्वावधान में कर्त्तव्य बोध दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जयपुर प्रान्त के अध्यक्ष प्रोफेसर शिवशरण कौशिक तथा विशिष्ठ अतिथि ए.बी.आर.एस.एम. के जिला अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा रहे। मुख्य वक्ता प्रोफेसर शिवशरण कौशिक ने अपने उद्बोधन में भारतीय दर्शन और चिन्तन के विविध दृष्टांतो के माध्यम से महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कर्त्तव्य बोध के दायित्व से अवगत करवाया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि संघटन की वैचारिक परम्परा में अधिकारों से पहले कर्त्तव्यों को महत्व दिया गया है जिसके मूल में राष्ट्र उत्थान सर्वोपरि है। भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ व्यक्तिगत उत्थान की जगह समाज व राष्ट्र के उत्थान को अग्रणी रखने की रही है। उन्होंने भारतीय मेधा के अनेक मनीषियों आर्यभट्ट, शल्य, चरक आदि के उदाहरणों द्वारा विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान-विज्ञान के प्राचीन चिन्तन के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि जब हम अपने कर्त्तव्य पथ पर पूर्ण दृढ़ता से आगे बढ़गंे तब ही हमारा समाज एवं राष्ट्र उत्थान की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कर्त्तव्य बोध की विचारधारा को समझाकर उसका अनुसरण कर अपने चरित्र का निर्माण करने का आह्नान किया। विशिष्ठ अतिथि डॉ. राकेश शर्मा ने आदर्श पुरूष श्रीराम के जीवन चरित्र को अपनाते हुये कर्त्तव्य पथ पर चलने की बात कही। प्राचार्य डॉ. श्रीमन रावत ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि कर्त्तव्य पथ पर अडिग रहकर ही हम अपने ध्येय को प्राप्त कर सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी को अपने वृद्धजनों, समाज एवं राष्ट्र के प्रति दायित्वों को समझना होगा। कार्यक्रम का मंच संचालन ए.बी.आर.एस.एम. के इकाई सचिव प्रोफेसर चन्द्र प्रकाश महेन्द्रा के द्वारा किया गया तथा अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुये उन्होंने भारतीय संस्कृति का अनुसरण कर राष्ट्र हित के कर्त्तव्य पथ पर युवाओं को आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। समापन पर महाविद्यालय में पाम के पौधों का रोपण किया गया। कर्त्तव्य बोध दिवस के आयोजन पर डॉ. जलेन्द्र कुमार शर्मा, एन.सी.सी. अधिकारी, डॉ. गिरधारी लाल मीना, डॉ. सत्य नारायण शर्मा, डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौधरी, डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, डॉ. हीरालाल बैरवा, डॉ. रेनु मीना, डॉ. रीता गुप्ता, डॉ. ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. हरिराम मीना, डॉ. सुरेन्द्र सिंह चारण, डॉ. पुष्पा बुटोलिया, डॉ. निकिता शर्मा, डॉ. मंजू शर्मा, डॉ. कुवेर सिंह मीना, डॉ. महेश चन्द मीना, डॉ. बाबूलाल बैरवा इत्यादि प्रोफेसर उपस्थित रहे।