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पेड न्यूज और आचार संहिता के उल्लंघन पर रहेगी नजर

पेड न्यूज और आचार संहिता के उल्लंघन पर रहेगी नजर

बारां। विधानसभा चुनाव के तहत जिले में मीडिया सर्टिफिकेशन एण्ड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) की ओर से मीडिया सेन्टर स्थापित किया गया है। जहां से पिं्रट, इलेक्ट्रॉनिक पर पेड न्यूज व आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से चुनाव प्रचार व आपत्तिजनक पोस्ट पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सूचना केन्द्र के हॉल में स्थापित मीडिया सेन्टर से प्रादेशिक स्तरीय न्यूज चैनलांे, समाचार पत्रों व सोशल मीडिया साइट्स पर 24 घंटे निगरानी रखते हुए पेड न्यूज व आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों को देखा जा रहा है तथा इनकी रिकॉर्डिंग की जा रही है। संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों में एमसीएमसी के माध्यम से निर्णय लेकर कार्यवाही की जाएगी। पेड न्यूज कन्फर्म होने पर प्रक्रिया के पश्चात संबंधित अभ्यर्थी या राजनीतिक दल के चुनाव खर्च खाते में निर्धारित दर से राशि जोड़ी जाएगी।
एमसीएमसी के नोडल अधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि जिले में स्थापित मीडिया सेन्टर 3 पारियों में कार्य कर रहा है जिस पर करीब डेढ़ दर्जन कार्मिक नियोजित किए गए है जो न्यूज चैनलों, समाचार पत्रों सहित फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम आदि सोशल साइट्स पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि संदिग्ध पेड न्यूज, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलांे संबंधी रिपोर्ट प्रतिदिन संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है।
विज्ञापन प्रमाणन जरूरी
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर किसी भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा राजनीतिक विज्ञापन दिए जाने से पूर्व विज्ञापन प्रमाणन कमेटी से प्रमाणन कराया जाना आवश्यक होगा। वहीं पिं्रट मीडिया में मतदान दिवस व उसके एक दिन पूर्व प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का अधिप्रमाणन कराया जाना होगा। इसके लिए अभ्यर्थी या राजनीतिक दल निर्धारित प्रारूप में विज्ञापन प्रमाणन कमेटी को आवेदन कर सकंेगे।
पोस्टर-पम्पलेट्स पर भी रहेगी निगरानी
विधानसभा चुनाव में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क के प्रावधानों के अर्न्तगत पम्पलेटों, पोस्टरों आदि के मुद्रण को नियंत्रित किया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे निर्वाचन पम्पलेट या पोस्टर को प्रकाशित या मुद्रित नहीं कराएगा जिसके मुख पर मुद्रक या प्रकाशक का नाम न दिया हो। मुद्रक द्वारा प्रकाशन के घोषणा पत्र के साथ मुद्रित सामग्री की चार प्रतियां उसके मुद्रित किए जाने के तीन दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करना होगा।

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