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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार में दागे गोले, तालिबान ने कहा - एक की हुई मौत

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार में दागे गोले, तालिबान ने कहा - एक की हुई मौत

काबुल। पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर स्थितियां सामान्य नहीं हैं। दोनों ओर से हमले जारी हैं। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में रिहायशी इलाकों पर रॉकेट हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। सीमा पार से दागे गोले असदाबाद के नजदीकी इलाकों और आस-पास के घरों पर गिरे, जिससे बॉर्डर पर तनाव बढ़ने का डर पैदा हो गया है। तालिबान के प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने कहा कि आम लोगों के घरों को निशाना बनाकर किया गया हमला रविवार शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुआ, जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, ऐसा अफगानिस्तान की जानी-मानी न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने बताया। उन्होंने पाकिस्तान पर बॉर्डर के पास रिहायशी इलाकों में फायरिंग का आरोप लगाया।
ईद पर हुए अल्प संघर्ष विराम के बाद हुआ ये बड़ा हमला माना जा रहा है। इस्लामाबाद ने कहा है कि उसके मिलिट्री ऑपरेशन में आतंकियों को टारगेट किया जा रहा है, हालांकि इस दावे को तालिबान ने खारिज कर दिया है।
हाल के हफ्तों में, एयरस्ट्राइक, आर्टिलरी फायर और दोनों तरफ से आरोपों की वजह से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।
इस बीच स्थानीय मीडिया ने खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व चीफ सेक्रेटरी अरबाब शहजाद खान के हवाले से बताया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति जिरगा 31 मार्च को पेशावर में होगी, जिसमें दोनों देशों के नेतृत्व से तनाव कम करने और शांति की दिशा में काम करने की अपील की जाएगी।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन ने बताया कि पेशावर प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए 'एस्पायर खैबर पख्तूनख्वा' के अध्यक्ष (कौमी इस्लाही तहरीक के साथ मिलकर जिरगे का आयोजन करा रहे) खान ने कहा कि राजनीतिज्ञ, कबायली बुजुर्ग, धार्मिक जानकार, सिविल सोसाइटी के सदस्य, व्यापारी और खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान में रहने वाले अफगानों के मीडिया प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा लेंगे।
अरबाब शहजाद खान ने जोर देकर कहा कि जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और मसले को बातचीत से सुलझाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि फोरम आपसी सम्मान, एक दूसरे के प्रति विश्वास बढ़ाने के उपायों और बातचीत के जरिए सतत शांति को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि फोरम अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नेतृत्व से तनाव कम करने की अपील करेगा।
उन्होंने कहा कि जिरगा का मकसद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति, स्थिरता, जिंदगी और संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है। जिरगा खत्म होने के बाद, शांति के पक्ष में एक संयुक्त प्रस्ताव जारी किया जाएगा, जिसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों को भेजा जाएगा।

 

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