पैरालंपियन शीतल देवी ने पायल को हराकर तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता
नयी दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की बिना हाथ की तीरंदाज और पैरालंपिक पदक विजेता शीतल देवी ने रविवार को यहां खेलो इंडिया पैरा खेलों के बहुप्रतीक्षित मुकाबले में ओडिशा की दिव्यांग (बिना हाथ, बिना पैर) पायल नाग को हराकर स्वर्ण पदक जीता। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दोनों युवाओं के बीच मुकाबले में गत विजेता शीतल ने वापसी करते हुए खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। 18 वर्षीय शीतल ने कंपाउंडडनरी ओपन फाइनल मैच में 17 वर्षीय पायल के खिलाफ 109-103 से जीत दर्ज की। पायल के दोनों हाथ और दोनों पैर नहीं हैं। वह बचपन में बिजली का झटका लगने के कारण अपने हाथ-पैर खो बैठी थीं और वह कृत्रिम पैरों से निशाना लगाती हैं।
राकेश कुमार (40 वर्ष) और ज्योति बालियान (30 वर्ष) ने भी अपने-अपने मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीते। झारखंड के विजय सुंडी ने हरियाणा के विकास भाकर को पुरुष रिकर्व ओपन स्वर्ण पदक मैच में 6-4 से हराया जबकि हरियाणा की पूजा ने महाराष्ट्र की राजश्री राठौड़ को 6-4 से हराकर महिला रिकर्व ओपन स्वर्ण पदक जीता। सभी की निगाहें शीतल और पायल के बीच महिलाओं के कंपाउंड स्वर्ण पदक मैच पर थीं। शीतल ने आठ और सात के स्कोर के साथ शुरुआत की जबकि पायल ने डबल 10 के साथ शुरुआत की। हालांकि पायल तीसरे दौर में बढ़त खो बैठीं, जहां उन्होंने पहली बार सात का स्कोर बनाया और शीतल ने नौ और 10 के अपने लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर वापसी की। निर्णायक पांचवें दौर में शीतल ने स्वर्ण पदक जीता।