अग्रवाल हॉस्पिटल में 15 मिनट में एंजियोप्लास्टी कर मरीज की बचाई जान
टोंक । एक समय था जब टोंक के वांशिदों को अपने ईलाज के लिए जयपुर सहित अनेक जगहों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब शहर में स्थित अग्रवाल हॉस्पिटल में स्थित कैथ लैब व हृदय रोग विभाग स्थापित होने के बाद ह्दय रोगियों को काफी लाभ मिल रहा है। हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि विगत 1 वर्ष में हॉस्पिटल में चार सौ से अधिक हृदय रोगियों को आपातकालीन स्थिति में ईलाज किया गया है, जिनमें से 150 से अधिक मरीजों को सफलता के साथ स्टंट लगाकर उनकी जान बचाई गई है। उन्होने बताया कि 2 दिन पहले ग्राम डारडाहिंद निवासी एक 48 वर्षीय मरीज असहनीय सीने के दर्द के साथ हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था, जहां जांच करने के पश्चात ज्ञात हुआ कि मरीज को बड़ा हार्ट अटैक आया है, हदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल यादव ने मरीज के परिजनों की सहमति से तुरंत ऑपरेशन थिएटर में मरीज को ले जाया गया, जहां मात्र 15 मिनट में उसे स्टंट लगाकर उसकी जान बचाई। ऑपरेशन करने से पहले 2-डी ईको करके हृदय की क्षमता देखी गई, जो कि मात्र 30 रह गई थी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करना अधिक रिस्की हो जाता है, परंतु मरीज के परिजनों के संयमित व्यवहार से डॉक्टर तथा टीम को ऑपरेशन का निर्णय लेने में आसानी हुई, जिससे मरीज की जान बच गई। डॉ. यादव ने बताया की अग्रवाल हॉस्पिटल में आपातकालीन हृदय रोग सेवाएं प्रतिदिन उपलब्ध है, यहां नियमित रूप से मरीजों की हृदय की नसों की जांच जिसे एंजियोग्राफी कहते हैं की जाती है।