पीपल पूर्णिमा 5 मई को लगेगा चंद्र ग्रहण
लक्ष्मणगढ़। 5 मई को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण होगा जिसके चलते इस ग्रहण की कोई धार्मिक मान्यता नहीं होगी। इसके साथ इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि इस उपछाया चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 15 मिनट तक रहेगी।
15 दिन के अंतराल पर साल का दूसरा ग्रहण लगने वाला है। इस दिन वैशाख माह की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा है। वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण लगेगा। इस तिथि पर भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव और कूर्म अवतार भी मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा-पाठ, स्नान-ध्यान और दान करने की परंपरा होती है। वैशाख पूर्णिमा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस तिथि पर भगवान विष्णु के दो अवतार प्रकट हुए हैं। पहला कूर्म अवतार और दूसरा बुद्ध अवतार।
जब पृथ्वी की सीधी छाया चंद्रमा पर नहीं पड़ती है बल्कि चंद्रमा के ऊपर पृथ्वी की धूल जैसे छाया पड़ती है। इसमें चंद्रमा मटमैला हो जाता है। साल का पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को रात 08 बजकर 44 मिनट से शुरू होगा जो 06 मई की मध्य रात्रि 01 बजकर 02 मिनट पर खत्म हो जाएगा। यह उपछाया चंद्र ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण-पूर्वी यूरोप में दिखाई देगा।
15 दिनों के अंतराल पर यह साल का दूसरा ग्रहण होगा। बीते 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा था। वैशाख पूर्णिमा के दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण के दौरान शनि अपनी राशि कुंभ में मौजूद रहेंगे। गुरु मेष राशि में रहेंगे। इसके अलावा सूर्य, राहु और बुध भी मेष राशि में रहेंगे। चंद्र ग्रहण के दौरान शनि की तीसरी द्दष्टि सूर्य, गुरु , राहु और बुध पर रहेगी।
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष स्थान है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। स्नान के बाद पूजा-पाठ और दान करना शुभ माना जाता है।