पीएचईडी मंत्री ने 5 अधिकारियो को किया निलंबित ,
पीएचईडी मंत्री ने पीपलखेड़ा गांव में किया निरीक्षण, मंत्री ने माना जीजेएमवाई में जमकर हुआ भ्रष्टाचार,
दौसा - राजस्थान सरकार अब भ्रष्टाचार को लेकर एक्शन मूड में दिखाई दे रही है। दौसा जिले के महवा के जल जीवन मिशन योजना में जलधाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद राजस्थान सरकार के पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने दो एक्सईएन, एक सहायक अभियंता व दो कनिष्ठ अभियंताओं को मौके पर ही निलंबित किए जाने के निर्देश दिए। इसे लेकर उन्होंने विभाग के सचिव समित शर्मा को आवश्यक निर्देश दिए और कार्रवाई के लिए कहा। भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर यह पहली और बड़ी कार्रवाई है जिसमें आधा दर्जन अधिकारियों पर गाज गीरी है। महुआ विधायक राजेंद्र प्रधान भी उनके साथ मौजूद थे। जानकारी के अनुसार मंत्री कन्हैया लाल चौधरी महुआ क्षेत्र में 234 करोड रुपए की ईसरदा पेयजल परियोजना का शिलान्यास करने पहुंचे थे, वापस लौटते समय मंत्री नेशनल हाईवे 21 स्थित पीपलखेड़ा गांव पर रुके जहां उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की और हाल-चाल जाने। इस दौरान ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर उन्हें अवगत करवाया। बता दें कि मंत्री के साथ क्वालिटी कंट्रोल टीम के अलावा प्रदेश और जिले के आला अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने टीम को तत्काल जांच के लिए निर्देश दिए और कहा कि मैं भी जल जीवन मिशन योजना में हुए घोटाले को देखना चाहता हूं। अधिकारियों की टीम ने योजना के अंतर्गत डाली गई लाइनों की जांच की जिसमें बड़ा गड़बड़ झाला सामने आया। विभाग के मापदंड के मुताबिक लाइने नहीं मिली,आधा दर्जन ट्यूबवेल बंद मिले। ऐसे में मंत्री ने हाइवे स्थित गोपाल होटल पर रुक कर दरबार लगा दिया और अधिकारियों की क्लास ले डाली। अधिकारियों से संबंधित कार्य के बारे में जानकारी मांगी तो वे आनाकानी करने लगे, ऐसे में मंत्री ने अधिकारियों को लताड़ लगाई और जवाब मांगा। यहां तक की सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं ने एमबी देने तक के लिए मंत्री को इनकार कर दिया। मंत्री ने जब बड़े अधिकारियों से गड़बड़ झाले में शामिल अधिकारियों के नाम मांगे तो उसमें भी बड़े अधिकारियों ने आना-कानी की जिस पर दोसा एसई को खासी लताड़ का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक तौर पर फाल्ट दिखाई दिए कई अधिकारियों से तो मंत्री ने यह तक कह दिया कि अभी भी पेट नहीं भरा क्या? मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा जल जीवन मिशन योजना में पिछले 5 वर्ष में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। अधिकारी निलंबित होने के बाद ही बताएंगे कि क्या गड़बड़ झाला किया? आखिर चोर कब तक बचेंगे,सामने तो आना ही पड़ेगा। हमारी सरकार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन्होंने पिछले 5 वर्ष में जनता के पैसे को लूटा है उन्हें सजा जरूर मिलेगी।
इनको किया निलंबित
जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कनिष्ठ अभियंता दारा सिंह मीणा, महाराज सिंह गुर्जर, सहायक अभियंता नानग राम बेरवा,एक्सईएन सिद्धार्थ मीणा, एक्सईएन हेमंत मीना को निलंबित किया गया है, अधीक्षण अभियंता दौसा को भी जांच के दायरे में लिया गया है। मंत्री ने उनके खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए हैं।