इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना से बदल रही पाली शहर की तस्वीर
सफाई, मरम्मत कार्य व वॉल पेंटिंग से खिल उठे मार्ग, चौराहे और उद्योग
रोजगार के अवसरों में हुई बढ़ोतरी
पाली। पाली शहर में दाखिल होते ही सड़क के दोनों ओर राजकीय व कुछ निजी भवनों की दीवारों पर आकर्षक मांडने और चित्रकारी दृष्टिगोचर हो रही है। सडकों के बीच बने डिवाइडर सुव्यवस्थित व साफ सुथरे नजर आ रहे हैं। उद्यानों की रंगत भी खिलती जा रही है। यह संभव हुआ है इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना से। कोविड विभीषिका के दौरान उपजे हालातों के मद्देनजर गांवों की तर्ज पर शहरों में भी आमजन को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मंशा से राज्य सरकार ने बजट 2022-23 में इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू किए जाने की घोषणा की। प्रदेश भर में 09 सितम्बर 2022 को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी लागू की गई। इसके तहत जिला कलक्टर पाली श्री नमित मेहता के निर्देशन में नगरपरिषद पाली सहित जिले के सभी नगर पालिका में अधिक से अधिक काम स्वीकृत करने तथा हर जरूरतमंद को रोजगार उपलब्ध कराने पर फोकस किया गया। परिणाम स्वरूप जिले में सैकडों की संख्या में काम स्वीकृत करते हुए अब तक हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। नगरपरिषद क्षेत्र पाली की जहां तक बात है, यहां अब तक कुछ 46 काम स्वीकृत हुए हैं, इनमें से अधिकांश पूर्ण हो चुके हैं।
पाली शहर में इस योजना के तहत मुख्य मार्गों से लेकर उद्यानों आदि की रंगत ही बदल चुकी है। शहर में जगह-जगह अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग्स, बैनर हटवाने, अतिक्रमण हटाने के साथ ही करीब-करीब सभी मुख्य सडकों के दोनों ओर दीवारों पर चित्ताकर्षक मांडने उकेरे जा रहे हैं। डिवाइडर की मरम्मत के साथ ही उन पर रंगरोगन किया गया है। शहर के कुछ उद्यान भी साफ सफाई तथा रंगरोगन के बाद खिल उठे हैं। शेष उद्यानों को भी निखारा जा रहा है। पाली शहर के इस बदलते मंजर को न केवल शहरवासी अपितु बाहर से आने वाले लोग भी मुक्त कण्ठ से सराह रहे हैं।
बांडी नदी पर रीवर फ्रंट जिला कलक्टर श्री मेहता के निर्देशन में इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत शहर के मध्य से गुजर रही बांडी नदी पर बने पुल के समीप रीवर फ्रंट विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है। इसमें रोजगार गारंटी के साथ ही नगर परिषद के अन्य मदों से डवटेल करते हुए बजट प्रावधान किए जा रहे हैं, ताकि शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत स्थायी परिसंपत्ति का निर्माण किया जा सके और शहरी सौंदर्यीकरण में भी अभिवृद्वि हो।