विरांगनाए पहुंची पायलट के बंगले
फूट फूट कर रोई, बोली - हमारे साथ अन्याय हो रहा है
जयपुर। जयपुर में वीरांगनाओं के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला अब तूल पकड़ने लगा हुआ है पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं ने सोमवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बंगले में उनसे जाकर मुलाकात करें और न्याय की मांग की ग्रामीणों ने रोते-रोते पायलट से कहा हमारे साथ पुलिस ने बहुत बुरा बर्ताव किया है हमारे पति देश की रक्षा के लिए शहीद हुए हमें भी गोली मार दीजिए इस तरह बदसलूकी तो मत कीजिए दरअसल सोमवार को सचिन पायलट के सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगले में पत्रकारों के होली मिलन समारोह आयोजित किया गया था जिसमें एकदम से पिछले 8 दिन से धरना दे रही शहीदों की वीरांगनाओं ने एकदम से सचिन पायलट के बंगले में कदम रखा , वही नारेबाजी भी करी कहा इस सरकार में हमारा कुछ नहीं हो रहा है उसके बाद वहां पत्रकारों के साथ बैठे पायलट भी एक बार तो समझ नहीं पाए कि हुआ क्या है फिर कैसे तैसे सारी स्थितियों को कंट्रोल किया गया और बाद में खुद सचिन पायलट ने जमीन पर बैठकर उनको सांत्वना दी और कहा कि आपकी जो भी परेशानियां हैं और जल्द से जल्द दूर कर दी जाएगी वही जिस तरीके से यह माहौल बना उसमें कहीं ना कहीं यह चर्चा का विषय बन चुका है अचानक पहुंची वीरांगनाओं को एक बार सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास भी किया । मगर मामला कुछ ही सेकंड में इतना बढ़ गया कि सुरक्षाकर्मी भी कुछ नहीं कर पाए वही वीरांगनाओं का साफ तौर पर कहना है कि हमारे पति इस देश के लिए शहीद हुए हैं मगर हमारा छोटा सा काम भी नहीं हो रहा है इस पर पायलट ने तुरंत कहा कि जल्द से जल्द आपका जो भी काम है यह करवा दिया जाएगा हम पूरी कोशिश करेंगे । वही इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा भी सिविल लाइन क्षेत्र में ही घूम रहे थ
वही लोगों का मानना है कि यह सब कुछ डॉ किरोड़ी लाल मीणा के कहने पर ही हुआ है ऐसे में इस पूरी घटना को एक राजनीतिक मोड़ दिया जा रहा है। क्योंकि कुछ दिन पहले ही एक जाट नेता ने डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा से धरना स्थल पर जाकर मुलाकात की थी वही एक जाट विधायक ने ट्विटर पर खुलकर वीरांगना के समर्थन में बात कही थी और साथ के साथ सरकार को आड़े हाथों भी लिया था ऐसे में सोमवार को सचिन पायलट की आवास पर जो घटना हुई है उससे राजस्थान की राजनीति में हलचल होने लगी है ।