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पीपाड़ शहर : आत्म शुद्धि का महान् आध्यात्मिक पर्व

पीपाड़ शहर : आत्म शुद्धि का महान् आध्यात्मिक पर्व "संवत्सरी" आज

पीपाड़ शहर। जैन समाज के धर्मावलंबियों द्वारा बुधवार को संवत्सरी पर्व विभिन्न धार्मिक आयोजनो के साथ श्रद्धा से मनाया जाएगा।वही संवत्सरी पर्व के अवसर शहर में सभी मास व अण्डे के साथ बूचड़खाने भी बंद रहेगे। इस पावन अवसर पर जैन धर्म के अनुयायी पूरा दिन धर्मसाधना के विभिन्न क्रिया-कर्म करेंगे तथा सभी जैन बंधु अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रखेंगे।जैन धर्म के महान आध्यात्मिक पर्व संवत्सरी पर्व स्थानीय जैन समाज द्वारा अति उमंग, उत्साह के साथ आध्यात्मिक साधना करके मनायेंगे।श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ संस्थान के अध्यक्ष विजय प्रकाश मुथा व मंत्री पंकज कोठारी ने बताया कि इस पावन दिवस पर आज शरद चन्द्रिका मुणोत स्वाध्याय भवन में विराजित आचार्य श्री हीराचन्द्र जी महाराज साहब की आज्ञानुवर्तिनी महासती श्री शिक्षा श्री जी आदि ठाणा के सानिध्य में सूर्योदय पश्चात प्रार्थना, 8.30 बजे से शास्त्र वाचन, प्रवचन, दोपहर 1.30 बजे पापों की आलोचना पाठ एवं आलोचना पाठ पश्चात् सिद्ध पद आराधना का समापन, प्रतियोगिता का आयोजन, सायंकालीन सूर्यास्त पश्चात् सामूहिक प्रतिक्रमण करके 84 लाख जीव योनियो से क्षमायाचना करेंगे। प्रतिक्रमण पश्चात् रात्रि संवर, पौषध व्रत करेंगे। सभी कार्यक्रम राता उपासरा एवं श्रीमती शरदचन्द्रिका मुणोत स्वाध्याय भवन में आयोजित होंगे। आज के दिन जैन धर्म के सभी अनुयायी उपवास व्रत का प्रत्याख्यान करने का लक्ष्य भी रखते हैं । आठ उपवास तपस्वियों द्वारा किए गए। शहर में जैन समाज के गौतम  मुथा,श्रीमती नीतू जी भण्डारी, सुरेश भण्डारी,श्रीमती अमित  नाहटा,श्रीमती निहालचन्द मेहता, सज्जनराज लुणावत,श्रीमती सज्जनराज लुणावत, श्रीमती रेखा लुणावत, श्रीमती सुनीता आर. मुथा,  सुशील चुतर द्वारा सभी आठ उपवास द्वारा किए गए हैं। इसके अलावा तेला(3 उपवास) 9 उपवास 11 उपवास आदि अनेक अनेक तपस्या के प्रत्याखयान  महासतिया जी  के मुखारविंद से होंगे।वही अब तक 55 तेले, 1 पांच, 5 अट्ठाई, 10 अट्ठाई गतिमान, 2 नौ, 1 दस, 4 ग्यारह, 4 मासक्षमण की तपस्याएँ संपन्न हो चुकी है।

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