Dark Mode
श्यामजी कृष्ण वर्मा को PM मोदी ने किया नमन

श्यामजी कृष्ण वर्मा को PM मोदी ने किया नमन

 

  • श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन
  • इंडिया हाउस बनाकर विदेश से क्रांतिकारी गतिविधियों को दिया बल
  • क्रांति तीर्थ में संरक्षित है महान स्वतंत्रता सेनानी की विरासत

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता और मातृभूमि के स्वाभिमान के लिए श्यामजी कृष्ण वर्मा ने अपना जीवन समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए वर्मा ने जिस साहस और पराक्रम का परिचय दिया, उसे कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने महान क्रांतिकारी को उनकी जयंती पर नमन करते हुए उनके राष्ट्र समर्पण को याद किया।

श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 4 अक्टूबर 1857 को गुजरात के कच्छ स्थित मांडवी में हुआ था। वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख विचारकों में शामिल रहे। वे राष्ट्रवादी चिंतक और पत्रकार भी थे। उन्होंने विदेश में रहते हुए भारत की आजादी के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्मा ने वर्ष 1905 में लंदन में इंडिया हाउस की स्थापना की। धीरे-धीरे यह स्थान भारत की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे क्रांतिकारियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। वीर सावरकर और मदनलाल ढींगरा जैसे क्रांतिकारी भी इससे जुड़े रहे। विदेश की धरती से भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में माहौल तैयार करने में इंडिया हाउस की अहम भूमिका रही।

श्यामजी कृष्ण वर्मा ने अपने विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए ‘द इंडियन सोशियोलोजिस्ट’ नामक पत्रिका भी प्रकाशित की। इसके माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन की नीतियों की आलोचना की और भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में वैचारिक आधार मजबूत करने का प्रयास किया।

उनकी स्मृति को गुजरात के मांडवी स्थित क्रांति तीर्थ में संरक्षित किया गया है। यह स्मारक न केवल श्यामजी कृष्ण वर्मा की विरासत को याद करता है, बल्कि भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम की उस धारा को भी सामने लाता है, जिसने विदेशों में रहकर आजादी की लड़ाई को गति दी।

क्रांति तीर्थ में श्यामजी कृष्ण वर्मा और उनकी पत्नी भानुमती की अस्थियां भी सुरक्षित हैं। लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद उनकी अस्थियां स्विट्जरलैंड से भारत लाई गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान इन्हें करीब 55 वर्ष बाद भारत वापस लाया गया और राजकीय सम्मान के साथ क्रांति तीर्थ में स्थापित किया गया।

क्रांति तीर्थ आज श्यामजी कृष्ण वर्मा के राष्ट्रवादी विचारों और उनके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान की याद दिलाता है। गुजरात खनिज विकास निगम लिमिटेड वर्ष 2010 से इस स्मारक के रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रहा है।

श्यामजी कृष्ण वर्मा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि स्वतंत्रता आंदोलन केवल भारत की धरती तक सीमित नहीं था। विदेशों में रहकर भी कई भारतीयों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ वैचारिक और संगठनात्मक संघर्ष को मजबूत किया। उनकी जयंती पर प्रधानमंत्री का संदेश इसी ऐतिहासिक योगदान और राष्ट्रभक्ति की विरासत को याद करने का अवसर बना।

 

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!