मालदीव पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुइज्जू ने किया स्वागत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर मालदीव पहुंच गए हैं। उनका स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू लेने एयरपोर्ट पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले भी लगाया। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य भी किया। मोदी ने यहां भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और भारतीय मूल के बच्चों की डांस परफॉर्मेंस भी देखी। मोदी की यह तीसरी मालदीव यात्रा है। वे यहां मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के न्योते पर आए हैं। इससे पहले मुइज्जू ने राष्ट्रपति चुनाव में इंडिया आउट का नारा दिया था। चुनाव जीतने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। हाल के दिनों में संबंधों में सुधार देखने को मिला है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे
मोदी 26 जुलाई को मालदीव के 60वें स्वतंत्रता समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा। मोहम्मद मुइज्जू नवंबर 2023 में राष्ट्रपति बने थे, उसके बाद से किसी विदेशी नेता की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरान डिफेंस और रणनीतिक क्षेत्रों में कई समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे। यह समझौते भारत की " नेबरहुड फर्स्ट" पॉलिसी के तहत मालदीव के साथ विकास साझेदारी को और मजबूत करेंगे। मोदी इस यात्रा के दौरान मोदी भारत के सहयोग से तैयार कुछ प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी कर सकते हैं।
भारत में चला था बायकॉट मालदीव कैंपेन
बीते कुछ सालों में भारत-मालदीव के रिश्ते उतार चढ़ाव भरे रहे हैं। 2023 में मुइज्जु ने 'इंडिया आउट' नारे के साथ चुनाव जीता था, लेकिन दिसंबर 2023 में दुबई में UN कॉप-28 सम्मेलन में पीएम मोदी और मुइज्जु की मुलाकात ने रिश्तों में सुधार की शुरुआत की। दोनों नेताओं ने आर्थिक साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई। हालांकि, 2024 की शुरुआत में मालदीव के कुछ मंत्रियों की पीएम मोदी और लक्षद्वीप यात्रा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के बाद भारत में 'बायकॉट मालदीव' कैंपेन शुरू हुआ। जनवरी 2024 में मुइज्जु ने चीन यात्रा के बाद कहा कि मालदीव एक छोटा देश हो सकता है, लेकिन कोई इसे "धमका" नहीं सकता। उन्होंने मई 2024 तक भारतीय सैन्य कर्मियों को हटाने की मांग की थी, जिसके बाद भारत ने सैनिकों को हटाकर उनकी जगह तकनीकी कर्मचारी भेजे।
मुइज्जू की भारत यात्रा से दोनों देशों के रिश्ते सुधरे
2024 में रिश्तों में सुधार हुआ। अक्टूबर 2024 में मुइज्जु की भारत यात्रा के दौरान भारत ने मालदीव के लिए 750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप डील की। इससे मालदीव को फॉरेन करेंसी की कमी से निपटने में मदद मिली। मई 2025 में भारत ने 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल को रोल ओवर करके मालदीव की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों देशों ने रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। इस यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में समझौते होने की उम्मीद है, जिसमें फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, मछली पालन और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। इससे पहले 2015 में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और 2017 में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रह चुके हैं।