Dark Mode
अमेरिका को जवाब दें पीएम मोदी, 100% टैरिफ लगाएं : केजरीवाल

अमेरिका को जवाब दें पीएम मोदी, 100% टैरिफ लगाएं : केजरीवाल

नई दिल्ली। अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो गया है. इस टैरिफ को लेकर बवाल मचा हुआ है. इस बीच आप संयोजक अरविंद केजरीवाल मोदी सरकार को घेरा है। केजरीवाल ने कहा, " अमेरिका ने 50% टैरिफ भारत पर लगाया है। हमें भी कपास पर 11% से 50% टैरिफ कर देना चाहिए था दूसरों देशों ने यही किया...ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाया तो हमें 100% टैरिफ लगा देना चाहिए था क्या हम कमजोर देश हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा, "पिछले दिनों मोदी जी ने ट्रंप के दबाव में ये निर्णय लिया है कि अमेरिका से जो कपास भारत आता है अभी तक उसमें 11 % ड्यूटी लगती थी लेकिन अब ये 11 % ड्यूटी हटा दी गई है और अब अमेरिका से आने वाली कपास पर कोई ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। ये ड्यूटी केवल 40 दिनों (19 अगस्त से 30 सितंबर तक) तक हटाई गई है। ये देश के किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। अब जो अमेरिका से कपास आएगी वो भारत के किसानों के कपास से सस्ती होगी। तो भारत के किसान कहां जाएंगे और किसानों का कपास कौन खरीदेगा। केजरीवाल ने कहा भारत के किसान और उद्योग को बर्बाद करके अमेरिका के हित साधने की कौन सी मजबूरी है ये ? एजेंडा क्या है? ये सिर्फ़ किसानों का नहीं, भारत के 140 करोड़ लोगों के सम्मान का सवाल है। पहले अमेरिका से आने वाली कॉटन/कपास पर 11% टैक्स लगता था, लेकिन अब वो टैक्स हटा दिया गया है। नतीजा, अमेरिका की सस्ती कॉटन धड़ाधड़ भारत आएगी और हमारे किसानों की कपास खेत में ही सड़ जाएगी। अक्टूबर में जब हमारे किसान अपनी कपास लेकर मंडी पहुँचेंगे, तो उनके लिए कोई खरीदार ही नहीं बचेगा। गुजरात हो या विदर्भ, पंजाब हो या तेलंगाना...हर जगह का किसान बर्बाद होगा। उनकी सालभर की मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। सवाल सीधा है: जब अमेरिका हमारे माल पर 25% से 50% टैरिफ लगाता है, तो मोदी सरकार अमेरिकी कॉटन पर ज़ीरो टैरिफ क्यों कर रही है? क्यों हमारे किसान और उद्योग को बर्बाद करके अमेरिका को फायदा पहुँचाया जा रहा है? साफ़ है कि भाजपा किसान विरोधी पार्टी है। अपने काले कानून लाकर कभी मंडियों को खत्म करने का खेल, और अब अमेरिकी कॉटन से किसानों की रोज़ी-रोटी छीनने का षड्यंत्र।यह केवल रोज़गार और उद्योग का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों के सम्मान का मुद्दा है!

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!