साहित्यकार देवेंद्र भारद्वाज के काव्य संग्रह " अपना तो निष्कर्ष यही है " का हुआ विमोचन
वैर . कस्बा वैर में एक और साहित्यकार का उदय होने पर उनके काव्य संग्रह 'अपना तो निष्कर्ष यही है ' का विमोचन परशुराम जयंती के अवसर पर किया गया, देवेंद्र भारद्वाज के काव्य संग्रह का विमोचन पूर्व सांसद पंडित रामकिशन, जिला भरतपुर के पूर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष कौशलेश शर्मा व महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष बबीता शर्मा ने संयुक्त रूप से किया, इस अवसर पर पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने अपने उद्बोधन में बताया कि वैर लघु काशी के रूप में विख्यात है यह भूमि सिद्ध महापुरुष,साहित्यकार एवं कवि, संगीतकार, ज्योतिषाचार्य, आदि की जन्म एवं कर्म स्थली रही है, मंच संचालक बालचंद्र श्रोत्रिय ने साहित्यकार एवं कवि का परिचय कराते हुए बताया कि कस्बे के प्रतिष्ठित ब्राह्मण गिर्राज प्रसाद भारद्वाज एवं श्रीमती सोन देई के पुत्र देवेंद्र भारद्वाज का जन्म 31 जुलाई 1971 को हुआ जो इस समय जयपुर में रहकर साहित्य साधना कर रहे हैं , इन्होंने सामाजिक कार्य के लिए तरुण अवस्था में गृह त्याग कर जिला एवं प्रांत स्तर के विभिन्न दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वाह किया है, घोष वादन, नियुद्ध एवं कबड्डी के कुशल प्रशिक्षक है, महाकाव्य द्रोण प्रतिज्ञा, जागा स्वाभिमान देश का , इनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं तथा काव्य संग्रह अपना तो निष्कर्ष यही है का विमोचन परशुराम जयंती के अवसर पर हुआ है, जीवन ठहर गया लगता है ' इनकी प्रकाशनाधीन पुस्तक है ,