माली समाज का राजनैतिक सम्मेलन सम्पन्न
समाज के पंच-पटेल इस बार ऐसा निर्णय लेगें जिसकी गूंज दिल्ली व जयपुर में सुनाई देगी-सिंगोदिया
टोंक । आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा या कांग्रेस द्वारा माली समाज को टोंक जिले की किसी भी एक सीट पर टिकिट दिया जावे, वरना समाज के पंच-पटेल इस बार ऐसा निर्णय लेगें जिसकी गूंज जयपुर व दिल्ली में सुनाई देगी। रविवार को शहर में ज्योतिबा फुले छात्रावास महादेववाली में माली समाज के हुए राजनैतिक सम्मेलन में जिला माली समाज के संरक्षक एवं राजनैतिक सम्मेलन के संयोजक कमलेश सिंगोदिया ने समाज के लोगों को सम्बोधन करते हुए यह बात कही। उन्होने कहा कि जब-जब माली समाज ने अपनी मांगों को लेकर करवट बदली है, तब-तब एक नया इतिहास रचा गया है। शिक्षित एवं संगठित समाज ही एक सभ्य समाज के रचना करता है। आज राजनीतिक क्षेत्र में माली समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण हम राजनीतिक क्षेत्र में पिछड़े हुए हैं। हमारे बीच में माली समाज के मंत्री रहे प्रभुलाल सैनी बैठे हैं, इन्हें कोई भी पार्टी कहीं से भी टिकट देती, तो यह जीत कर आते है और आते रहेंगे। सिंगोदिया ने जोर देते हुए कहा कि टोंक जिले में माली समाज को बीजेपी का परंपरागत वोट माना जाता है, जो शायद सच भी है, लेकिन हमारी मांगों को पूरा नहीं करने पर भाजपा को भी माली समाज ने एक बार सबक सिखा दिया है। हम किसी भी राजनीतिक पार्टी के बंधवा मजदूर नहीं है। इस बार विधानसभा चुनाव में हम भाजपा एवं कांग्रेस से जिले की किसी भी एक सीट पर माली समाज को टिकट देने की पुरजोर मांग करते हैं, यदि इस बार दोनों ही राजनीतिक दलों ने हमारी मांग की उपेक्षा की या हमें कमतर समझा तो फिर समाज के इस राजनैतिक सम्मेलन में विराजमान पंच पटेल जो भी फैसला करेंगे, समाज उसका समर्थन करेगा, पंच-पटेलों द्वारा लिये गये फैसले की गूंज जयपुर एवं दिल्ली में सुनाई देगी। अब समाज के हित में जो भी फैसला पंच पटेल करेंगे, उसके अनुकूल राजनीतिक रणनीति बनाई जाएगी, जो भी राजनीतिक दल हमें जिले में एक सीट देगा, समस्त माली समाज उसको अपना मत व समर्थन देगा।
इस मौके पर भाजपा के पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभु लाल सैनी ने कहा कि ताकतवर का कोई बुरा नहीं कर सकता। आप लोग मजबूत बनो, जो समाज संस्कारी व शिक्षित होता है, सारे राजनीतिक दल उसके पीछे रहते हैं। समाज नीति एवं राजनीति दोनों अलग-अलग चीजें हैं, समाज नीति का दायरा बहुत बड़ा होता है। राजनीति में सभी 36 कामों को साथ लेकर चलना पड़ता है, एक कौम कभी भी चुनाव में कामयाब नहीं हो सकती । संगठित रहो तो राजनीति में लाभ अवश्य मिलेगा। हम तब तक समाज का विकास नहीं कर सकते, जब तक शिक्षित नहीं होंगे। अत: शिक्षा के प्रति समाज मेें जागृति पैदा करना चाहिए। साथ सोचो, साथ आगे बढ़ो, संवादहीनता हमारे बीच नहीं होनी चाहिए। समय आ गया है, अब सैनी समाज क्रिकेट मैच खेलेगा, कबड्डी नहीं खेलना है, चौके-छक्के मारना है, कबड्डी की तरह टांग नहीं खींचना है। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 4 जून को सैनी, मौर्य, कुशवाहा आदि ओबीसी जातियों का एक महासम्मेलन जयपुर में होने जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक लोग भाग लेवे। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले, मां सावित्री बाई फुलेे को आज तक भारत रत्न नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है, अब तक 51 विभूतियों को भारत रत्न दिया जा चुका है, लेकिन फुले दंपत्ति को भुलाया जा रहा है ।हमें इसके लिए प्रयास करते रहना है । टोंक जिला राजनीतिक क्षेत्र का चारागाह है, हमें राजनीति में प्रतिनिधित्व चाहिए, जिसके लिए अपनी ताकत का परिचय कराना होगा। जिलाध्यक्ष कैलाश मोरी ने कहा कि प्रदेश में इस समय माली समाज के आरक्षण का मुद्दा चल रहा है। सरकार ने हमारी मांगों को मानते हुए सभी जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी है। यह सब संभव हुआ है, समाज की एकता के कारण। आज समाज में शिक्षा की कमी है, शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में बच्चों की शादी करें, जिससे कि खर्च कम हो। राजनीति में हमें टोंक जिले की एक सीट पर प्रतिनिधि चाहिए जो भी हमें टिकट देगा समाज उसको वोट देगा । पार्षद राहुल सैनी ने कहा कि सेना में माली समाज की रेजीमेंट होना चाहिए । महात्मा ज्योतिबा फुले व सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में चुनाव में टोंक जिले में 1 सीट दो दो चारों सीटें लो। महिला युवा मोर्चा की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी सैनी ने कहा कि माली समाज की महिलाएं अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं। जिस तरह मां सावित्री बाई फुले ने शिक्षा का अलख जगाया था । माताएं बच्चों की पहली पाठशाला होती है, वहीं से बच्चे संस्कारी बनते हैं, इसलिए समाज को शिक्षित बनाने में समाज की महिलाएं अपना योगदान देवें। मंच संचालन सीताराम अजमेरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर महिला जिलाध्यक्ष बबीता सैनी, पार्षद मुकेश सैनी, पूर्व सभापति अजय सैनी, राजेन्द्र सैनी उर्फ बबलू टैंकर, फुले बिग्रेड जिलाध्यक्ष अजय सैनी, नवरतन सैनी, मीडिया प्रभारी आशा सैनी, संतोष सैनी, महेन्द्र सैनी, पत्रकार कमलेश सैनी, इंजी. भैरूलाल सैनी, चतरा पटेल, कैलाश आर्यवीर, रामप्रसाद बागड़ी, मोहन नासिरदा, पूर्व सरपंच जौरू लाल सैनी, हनुमान लावा, पीरू पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष बद्री भारती, शंकर धुवारिया, सदर अध्यक्ष अचलेश सैनी, कालू बागड़ी, शिवनारायण सैनी, सीताराम कटारा, सत्यनारायण दग्गी आदि हजारों की संख्या में समाज के महिला-पुरूष मौजूद रहे। गौरतलब है कि माली समाज के इस राजनैतिक सम्मेलन में जहाँ सभी वक्ताओं ने विधानसभा चुनाव में टोंक जिले की किसी भी एक सीट पर माली समाज को टिकट देने की पुरजोर मांग की, वही भाजपा के पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने अपने सम्बोधन में इस मांग का पुरजोर तरीके से अपना समर्थन नही करते हुये, उन्होंने कहा कि 36 कौमों को साथ लेकर चलने पर ही राजनीति में जीत होती है। उन्होंने यह भी कहा राजनीति में टिकट ऐसे ही नही मिलते, इसके लिये आपकी राजनीतिक पहुंच होना जरूरी है। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया।