राजनैतिक दलों को चुनाव खर्च को लेकर हुई बैठक
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एक उम्मीदवार अधिकतम 95 लाख रूपये की राशि खर्च कर सकेगा
श्रीगंगानगर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के दौरान राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों द्वारा चुनाव में किये जाने वाले खर्च व व्यय लेखों के संधारण को लेकर कलेक्ट्रेट सभाहॉल में शुक्रवार को बैठक आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार अधिकतम 95 लाख रूपये तक की राशि खर्च कर सकता है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मृदुल सिंह ने जानकारी दी कि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की शिकायत के लिये अधिकतम सी-विजिल एप का उपयोग करें, जिससे तत्काल कार्यवाही होगी तथा पारदर्शिता बनी रहेगी। उन्होंने राजनैतिक दलों को जानकारी दी कि 17 मार्च 2024 को आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदान केन्द्रों पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे तथा कोई भी नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। चुनाव के दौरान 50 हजार रूपये से अधिक की नकदी एवं 10 हजार रूपये से अधिक की वस्तु जो चुनाव कार्य में उपयोग की जा सकती है, का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। निर्धारित सीमा से अधिक राशि जब्त की जायेगी तथा मौके पर ही रसीद दी जायेगी। जब्ती के बाद अपील का भी प्रावधान किया गया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि लोकसभा चुनाव में निर्धारित राशि का व्यय विधि सम्मत मद में ही किया जा सकता है। चुनाव प्रचार में रैली, कार्यालय वाहन, कार्मिक, नेट, भवन किराया, बिजली, प्रचार-प्रसार सामग्री इत्यादि पर खर्च किया जा सकता है। प्रलोभन तथा लिकर इत्यादि विधि मान्य नहीं है। चुनाव के दौरान उम्मीदवार को तीन रजिस्टर ए, बी, सी का निर्धारण करना होगा तथा उसी के अनुरूप लेखे संधारित किये जायेंगे। चुनाव के दौरान व्यय लेखों का तीन बार निरीक्षण किया जायेगा।
उम्मीदवार को नया बैंक खाता खोलना होगा
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च के लिये अलग से नया बैंक खाता खुलवाना होगा तथा चुनाव के दौरान अधिकतम राशि का चैक द्वारा या ऑनलाईन भुगतान करना होगा। चुनाव के दौरान व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करना दण्डनीय है तथा इसमें सदस्य को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।
बैठक में जानकारी दी गई कि किसी मतदाता को प्रलोभन नहीं दिया जा सकता तथा भ्रष्ट आचरण दण्डनीय अपराध है। अनुचित दवाब डालना व धार्मिक व जातीय आधार पर मत याचना नहीं की जा सकती। मतदाता को लाना व ले जाना अनुचित है।
प्रचार सामग्री पर प्रकाशक, मुद्रक का नाम अंकित करना जरूरी
प्रचार के दौरान प्रचार सामग्री के मुख पृष्ठ पर प्रकाशक व मुद्रक का नाम अंकित करना जरूरी होगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 127 ए की पालना हर हाल में करनी होगी। प्रकाशक की पहचान हेतु घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। मुद्रित सामग्री की प्रति निर्धारित सेल में जमा करवानी होगी तथा मुद्रित सामग्री की संख्या व राशि बतानी होगी। उम्मीदवार की सहमति के बिना कोई समर्थक प्रचार सामग्री मुद्रित नहीं करवा सकेगा। उम्मीदवार की असहमति होने पर ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाही का प्रावधान है।
व्यय पर्यवेक्षक खर्च पर रखेंगे निगरानी
राजनैतिक दलों को बताया गया कि निर्वाचन व्यय लेखों का पूर्ण विवरण रखना है तथा खर्च राशि का बाउचर संधारित करने होंगे। चुनाव के दौरान आयोग द्वारा व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किये जायेंगे, जो समय-समय पर व्यय लेखों का निरीक्षण करेंगे। उम्मीदवार द्वारा किये जाने वाले खर्च को लेकर एक छाया रजिस्टर भी संधारित किया जायेगा। चुनाव के दौरान एक विधानसभा में तीन उड़नदस्तें होंगे, जो 24 घंटे सतर्क रहेंगे।
अपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार को निर्धारित समय के अनुसार तीन बार अपराध की जानकारी प्रिन्ट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में देनी होगी। चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व ई-पेपर में दिये जाने वाले विज्ञापनों का अधिप्रमाणन करवाना जरूरी होगा। समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रसारित करने के लिये मतदान दिवस व उससे एक दिन पूर्व छपने वाले विज्ञापनों का अधिप्रमाणन आवश्यक होगा।
इस अवसर पर जिला कोषाधिकारी श्री मनोज मोदी, अतिरिक्त नोडल अधिकारी (लेखा) श्री कृष्ण कुमार शर्मा, डीएलएमटी श्री हंसराज जोशी, एमसीएमसी एण्ड पेड न्यूज प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी श्री अनिल कुमार शाक्य, अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी श्री रामकुमार राजपुरोहित, श्री अशोक शर्मा, आईएनसी से श्री भीमराज डाबी, बीजेपी से श्री प्रदीप धेरड़, सीपीआईएम से श्री विजय रेवाड़, सीपीएम से श्री इन्द्रजीत बिश्नोई, बीएसपी से श्री परमानन्द सैन, आम आदमी पार्टी से श्री शंकर मेघवाल सहित अधिकारियों व राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।