पूनम राउत ने लिया संन्यास, 16 साल के क्रिकेट करियर पर लगा विराम
मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गुरुवार को 37 वर्षीय क्रिकेटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर सभी अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की। उनके इस फैसले के साथ एक दशक से अधिक समय तक चले अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया। पूनम ने आखिरी बार 2021 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
अपने विदाई संदेश में पूनम ने भारतीय जर्सी पहनने को जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया और ऐसी यादें दीं, जिन्हें वह हमेशा संजोकर रखेंगी। उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान मिले समर्थन के लिए क्रिकेट से जुड़े लोगों का आभार भी जताया।
वनडे में बनाए 2,299 रन
मुंबई में जन्मीं पूनम राउत ने मार्च 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने वनडे करियर में 73 मैच खेले और 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 15 अर्धशतक निकले।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूनम ने 35 मैचों में 719 रन बनाए। वहीं, चार टेस्ट मैचों में उन्होंने कुल 264 रन जोड़े। शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने वाली पूनम ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए कई अहम मुकाबलों में योगदान दिया।
2017 विश्व कप की यादें हमेशा रहेंगी खास
पूनम राउत के अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे यादगार पड़ावों में 2017 का महिला वनडे विश्व कप शामिल रहा। इंग्लैंड में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी, हालांकि खिताब जीतने से चूक गई।
पूनम ने अपने बयान में इस अभियान को करियर का बेहद खास हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भले ही भारतीय टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई, लेकिन इस टूर्नामेंट ने देश में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, इस प्रदर्शन ने युवा लड़कियों की एक पूरी पीढ़ी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया।
पूनम अपने करियर में तीन वनडे विश्व कप और चार टी20 विश्व कप में भी खेलीं। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक भारतीय टीम का हिस्सा होने पर उन्हें हमेशा गर्व रहेगा।
बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन और रेलवे का जताया आभार
संन्यास की घोषणा करते हुए पूनम ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का भी विशेष रूप से आभार जताया, जिसने उनके शुरुआती क्रिकेट सफर में मार्गदर्शन और मौके दिए।
पूनम ने भारतीय रेलवे को अपना दूसरा परिवार बताते हुए कहा कि उनके पूरे करियर में रेलवे ने उनका साथ दिया। उनके मुताबिक, रेलवे में मिले अनुभवों ने उन्हें एक मजबूत और अनुशासित क्रिकेटर बनने में मदद की।
उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का भी विशेष उल्लेख किया। पूनम ने कहा कि मिताली की कप्तानी में भारत और रेलवे दोनों के लिए खेलना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। उन्होंने अपने कोचों और साथी खिलाड़ियों को भी धन्यवाद दिया, जिनके साथ उन्होंने कई यादगार पल साझा किए।
अब कोचिंग के जरिए क्रिकेट में योगदान देना चाहती हैं
पूनम राउत ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद खेल के प्रति उनका लगाव बना रहेगा। उन्होंने बताया कि वह कोचिंग सर्टिफिकेशन भी पूरा कर चुकी हैं और भविष्य में क्रिकेट के विकास में योगदान देना चाहती हैं।
अपने विदाई संदेश के अंत में उन्होंने प्रशंसकों के प्यार और प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। पूनम ने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें जीवन भर के लिए दोस्त, अनमोल सीख और अनगिनत यादें दी हैं।
उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन अब वह अपने अनुभव और ज्ञान को अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचाने की दिशा में काम करना चाहती हैं।