‘‘प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM COMPONENT-B)‘‘
सवाई माधोपुर। नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय (एमएनआरई), भारत सरकार द्वारा ‘‘प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम)‘‘ योजनान्तर्गत कृषकों को हाईटेक उद्यनिकी/कृषि के लिए 10 एचपी पम्प क्षमता तक के उपलब्ध कराने के लिए योजना क्रियान्वित की गई।
उप निदेशक उद्यान चन्द्रप्रकाश बड़ाया ने बताया कि योजना का उदेश्य जिन कृषकों के पास सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नहीं हेै एवं सिंचाई के लिये डीजल पम्प सेट अथवा अन्य वैकल्पिक साधन पर निर्भर है, उन्हें सिंचाई हेतु सौर उर्जा पम्प संयत्र पर अधिकतम 7.5 एचपी पम्प क्षमता तक अनुदान पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के दिशा-निर्देश अनुसार कृषकों को स्टेण्ड अलोन सौर उर्जा पम्प संयत्र स्थापना पर साकेंतिक इकाई लागत का कुल 60 प्रतिशत अनुदान (जिसमें भारत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान एवं राज्य सरकार द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान) तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के कृषकों को 45 हजार रूपयें का अतिरिक्त अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। शेष राशि कृषक द्वारा स्वयं वहन की जावेगी।
आवेदन पात्रता की शर्ते:- जिन कृषकों के पास कृषि विद्युत कनेक्शन है या सौर उर्जा पम्प संयत्र परियोजना अन्तर्गत अनुदान प्राप्त कर लिया हेै। ऐसे कृषक इस योजनान्तर्गत पात्र नहीं होगें। विद्युत विभाग में कृषक द्वारा कृषि विद्युत कनेक्शन आवेदन होने की स्थिति में आवेदित कृषक द्वारा स्वयं की सहमति से विद्युत कनेक्शन आवेदन को समर्पित करने पर योजना में पात्र माना जावेगा। कृषक के पास 3 एचपी सौर उर्जा पम्प संयत्र के लिए 0.40 हैक्टेयर, 5 एचपी के लिए 0.75 हैक्टेयर, 7.5 एचपी के लिए 1.0 हैक्टेयर एवं 10 एचपी के लिए 1.50 हैक्टेयर भू-स्वामित्व होना आवश्यक है।