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मोदी के सामने प्रियंका विपक्षी का चेहरा

मोदी के सामने प्रियंका विपक्षी का चेहरा

लोकसभा चुनाव में विपक्ष के सर्वमान्य नेतृत्व को लेकर सवाल बना हुआ है। कई विपक्षी नेता प्रियंका
गांधी को दमदार और बेहतर चेहरा मान रहे हैं। प्रियंका वाड्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत अधिक
चर्चित है। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रियंका लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है और नित्य प्रति कोई न
कोई पोस्ट डाल कर मोदी सरकार को कटघरे में डालने से नहीं चुकती।
प्रियंका यदि पीएम फेस बनती है तो ममता बनर्जी, केजरीवाल और नीतीश जैसे नेता भी मान जायेंगे।
राहुल गांधी को मानहानि मामले में सज़ा होने और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद प्रियंका गांधी को
विपक्ष की और से पीएम फेस बनाने की चर्चा जोर शोर से होने लगी है। प्रियंका में आज भी लोग इंदिरा गाँधी
की छवि ढूंढते है। प्रियंका गांधी ने मोदी पर हमलावर होकर कर्नाटक में कुछ रैलियों से ही कांग्रेस के पक्ष में
माहौल बना दिया। कांग्रेस के कई नेता भी कर्नाटक जीत का श्रेय राहुल से ज्यादा प्रियंका गांधी को ही दे रहे
हैं। कांग्रेस के अंदर ही नहीं कांग्रेस के बाहर भी प्रियंका गांधी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा जोरों पर हैं। यही
कारण है कि पार्टी के अंदर से अब प्रिंयका को 2024 में कांग्रेस का प्रधानमंत्री फेस बनाने की मांग उठने लगी
है। इसकी शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने की है। आचार्य का कहना है प्रियंका मोदी
को सीधे टक्कर दे सकती हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में
पीएम मोदी को देने के लिए किसी मशहूर चेहरे की जरूरत है। विपक्ष को ऐसा चेहरा पेश
करना होगा जो मोदी को टक्कर दे सके। अभी जितने क्षेत्रीय पार्टियों के नेता है वह अपने-
अपने राज्यों के नेता है और राष्ट्रीय स्तर पर इन नेताओं की कोई लोकप्रियता नहीं है। कृष्णम
ने कहा कि 2024 का चुनाव मुद्दों से ज्यादा चेहरे का चुनाव है, और पीएम नरेंद्र मोदी इस देश
का सबसे बड़ा चेहरा है। उन्होंने कहा 'मुझे अपनी बात रखने का अधिकार है और फैसला विपक्ष
को ही लेना होगा। नरेंद्र मोदी के सामने प्रियंका गांधी बहुत बड़ा चेहरा है। प्रियंका ही पीएम
मोदी को हरा सकती हैं।
बताया जाता है भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। मगर मानहानि मामले
में फंसकर सदस्य्ता गंवाने और चुनाव लड़ने पर रोक के कारण प्रियंका भलीभांति कांग्रेस का नेतृत्व कर
सकती है। कांग्रेस के अंदर से ही प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने की मांग क्यों होने लगी है?
इसकी पीछे सबसे बड़ी वजह है राहुल गांधी की सदस्यता का रद्द होना।

प्रियंका इंदिरा गांधी की तरह बहुत जल्दी महिलाओं से घुल मिल जाती है। उनके हावभाव में
इंदिराजी की झलक देखने को मिल जाती है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में प्रियंका के
करिश्माई व्यक्तित्व का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। मोदी के खिलाफ कांग्रेस अपने सारे
हथियार आजमाएगी और प्रियंका उसके तरकश का सबसे धारदार तीर साबित हो सकता
है।प्रियंका के खिलाफ केवल एक ही बात जाती है वह है यूपी में उनके नेतृत्व में कांग्रेस की करारी हार। इस
प्रदेश में प्रियंका ने कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त प्रचार किया था मग लोगों ने इसे स्वीकार नहीं किया। मगर
यूपी में कांग्रेस की हार के और भी कई कारण रहे है। सब बड़ा कारण धरातल पर संगठन का नहीं होना।
इसके बाद प्रियंका बहुत आगे बढ़ गई । हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत से प्रियंका के हौसले
बुलंद हुए अब राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रियंका की अग्नि परीक्षा है। यदि इस परीक्षा में
प्रियंका पास हो जाती है तो प्रियंका को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक पायेगा। मोदी की लोकप्रियता के
सामने वह टिक पायेगी या नहीं यह भविष्य के गर्त में छिपा है।

बाल मुकुन्द ओझा

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