सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं.....
द दीवा'ज क्लब की ओर से आयोजित "एक शाम बाबा खाटू श्याम के नाम" में बिखरी भक्तिमय स्वर लहरियां, भावपूर्ण भजनों पर देर रात झूमते रहे श्यामप्रेमी, कोलकाता से पधारे विख्यात भजन गायक राज पारीक ने बांधा समां
जयपुर। छोटी काशी के नाम से विख्यात गुलाबी नगरी खाटू वाले श्याम बाबा के भक्ति रंग में रंगी नजर आई। द दीवा'ज क्लब की ओर से मानसरोवर स्थित आनंद महल में आयोजित की गई भजन संध्या "एक शाम बाबा खाटू श्याम के नाम" में देर रात तक भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते रहे। विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों से सजे 80 फीट ऊंचे दरबार में श्यामप्रेमियों ने खाटूश्यामजी के शीश और अखण्ड ज्योति के दर्शन कर धर्म लाभ लिया। हाथोज धाम पीठाधीश्वर एवं विधायक बालमुकुंदाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के इत्र और पुष्प वर्षा के बीच लोगों ने एक से बढ़कर एक भक्ति रचनाओं का आनंद लिया। इस मौके पर द दीवा'ज क्लब की संस्थापक कीर्ति निखिल जोशी, प्रेसिडेंट सोनिया मल्होत्रा, विशिष्ट अतिथि के रूप में योगाचार्य ढाकाराम, टाइम्स रेजीडेंसी से अजय सिंह राजावत, दीपक सिंह नरूका, एफएस रियलिटी से चरणसिंह खंगारोत, द फर्स्ट रियलिटी से विशाल श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह नरूका, पार्थ टेक्नोबिल्ड से यतेंद्र कुमार सिंह, नंदकिशोर भिंडा, विवेक गुप्ता, सफारी ग्रुप के डायरेक्टर पवन गोयल, सतीश रामकुमार गोयल, गौरव जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। भजन संध्या में छप्पन भोग के साथ ही श्रीराधा-कृष्ण की जीवंत झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी, जिन्हें कृष्णा तिलकधारी ग्रुप के कलाकारों ने साकार किया।
द दीवा'ज क्लब की संस्थापक कीर्ति निखिल जोशी ने बताया कि सर्वप्रथम श्याम बाबा की महाआरती से भजन संध्या की शुरुआत हुई। इसके बाद कोलकाता से पधारे प्रख्यात भजन गायक राज पारीक ने भक्तिपूर्ण स्वरलहरियां बिखेरकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने श्याम बाबा की महिमा में "मेरी बिगड़ी बनाने वाला श्याम सांवरा", "सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं", "आयो सांवरियो सरकार लीले पे चढ़ के", "मुझे खाटू बुला लीजिए", "जाने वाले सांवरे से कहना हमें भी बुला ले", "साथी हमारा कौन बनेगा, तुम न सुनोगे तो कौन सुनेगा" आदि भजन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद जयपुर के ही गायक अमित नामा ने भी अपनी मनोरम वाणी में भक्तिपूर्ण भजन पेश किए तो मानों श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने "बनके पावणा आजा सांवरा", "देना हो तो दीजिए जन्म जन्म का साथ", "कीर्तन की है रात बाबा" सरीखे भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की तालियां बटोरी। उल्लेखनीय है कि युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने और नई पीढ़ी में आध्यात्म का संचार करने के उद्देश्य से इस भक्ति संध्या का आयोजन किया गया था।