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मोजतबा खामेनेई की हालत पर फिर सवाल, मौत की अटकल तेज

मोजतबा खामेनेई की हालत पर फिर सवाल, मौत की अटकल तेज

 

तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इजरायली मीडिया आउटलेट चैनल 14 ने ईरान के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मोजतबा की शारीरिक स्थिति बेहद खराब है और उनकी मौत की खबर किसी भी समय सामने आ सकती है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मोजतबा खामेनेई ने मार्च 2026 में ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। इसके बाद से उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बेहद सीमित रही है। हालिया रिपोर्टों में उनकी लंबे समय से सार्वजनिक रूप से गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनकी सुरक्षा को इसका कारण बताया गया है, जबकि अन्य में उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगाई गई हैं।

चैनल 14 की रिपोर्ट में ईरान के अंदर के दो सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि मोजतबा ने 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से ईरानी कैबिनेट के किसी सदस्य से मुलाकात नहीं की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सीमित दायरे तक ही है।

हालांकि, मोजतबा की सेहत को लेकर इससे पहले भी अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। मार्च में कुछ रिपोर्टों में उनके घायल होने की बात कही गई थी, जबकि ईरानी पक्ष से जुड़े लोगों ने उनकी स्थिति को सामान्य बताया था। उपलब्ध सूचनाओं में उनके स्वास्थ्य को लेकर एकमत तस्वीर सामने नहीं आती।

मोजतबा की सार्वजनिक गैरमौजूदगी ने उनके ठिकाने और स्वास्थ्य को लेकर रहस्य और बढ़ा दिया है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकाने पर नजर रखने की कोशिश कर रही हैं।

रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि मोजतबा डिजिटल संचार के इस्तेमाल से बच रहे हैं, ताकि उनकी लोकेशन का पता न लगाया जा सके। ऐसे दावों के बीच उनकी सही स्थिति को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं।

इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव के बीच मोजतबा का स्वास्थ्य एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है। अगर उनकी हालत को लेकर सामने आ रहे दावों में सच्चाई होती है, तो इसका असर ईरान के सत्ता तंत्र और क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मोजतबा खामेनेई की मौत की खबर की कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इजरायली मीडिया में सामने आए दावे को फिलहाल रिपोर्ट या अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि पुष्ट खबर के रूप में।

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