राहुल गांधी ने मोदी को पनौती बोलकर भाजपा की मुराद पूरी की
कांग्रेस के युवराज राहुल गाँधी ने एक बार फिर अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को
पनौती कहकर सम्बोधित किया है। राजस्थान विधान सभा के चुनाव 25 नवंबर को होने जा रहे है, ऐसे में
मोदी के खिलाफ नेगेटिव कॉमेंट कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकता है। राहुल गांधी ने PM का मतलब पनौती
मोदी' बोल कर भाजपा की मुराद पूरी कर दी है। राजस्थान में कांग्रेस के प्रचार के दौरान क्रिकेट वर्ल्ड कप में
टीम इंडिया की हार के लिए प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार बताते हुए राहुल गांधी बता रहे हैं, 'PM का
मतलब पनौती मोदी। उल्लेखनीय है पनौती हमेशा निराशाजनक और बुरे वक्त के लिए उपयोग किया
जाता है। पनौती का मतलब अशुभ और अपशकुन होता है।
राहुल अपनी हर चुनावी सभाओं और देश विदेश की यात्रा के दौरान अडानी पर हमला बोलते हुए मोदी से
सांठ - गांठ का आरोप लगाते रहे है। मतदाताओं पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका राजनीतिक
समीक्षक व्यक्त कर रहे है। मोदी पर राहुल और कांग्रेस की तरफ से किया गया ऐसा कॉमेंट कांग्रेस पार्टी पर
भारी पड़ता रहा है। बीजेपी चुनाव में इस बात को मुद्दा बना सकती है। इससे पूर्व मणिशंकर अय्यर ने मोदी
पर अभद्र कमेंट किया था तब कांग्रेस ने पल्ला झाड़ते हुए अय्यर को निलंबित कर दिया था। उस समय
2017 का गुजरात विधानसभा चुनाव चल रहा था। इसी तरह कांग्रेस कैंप से मोदी के प्रधानमंत्री रहते और
सीएम रहते कई टिप्पणियां की गई थीं, जो पार्टी के खिलाफ ही गईं। इस बार भी भाजपा ने तीखा हमला
बोलते हुए राहुल गांधी से इस टिप्पणी के लिए माफी की मांग की है।
राहुल लगातार मोदी पर हमलावर रहे है। दुनिया भर के दिग्गज नेता दिल्ली में आयोजित जी -20 में
शामिल होकर जहाँ भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्लोबल लीडर के रूप में खुलकर सराहना कर रहे
थे, वहां कांग्रेस के नेता राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर देश और मोदी के खिलाफ जहर उगल रहे थे ।
उस वक्त पूरी दुनिया की नजर भारत पर थी । राहुल इन दिनों ये दावा करते रहते हैं कि वो नफरत के बाजार
में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। मगर उनका आचरण इसके ठीक विपरीत रहा है। भाजपा नेताओं का
आरोप है राहुल महोब्बत की दुकान की बात जरूर करते है मगर असल में देश में नफरत फैलाने का काम
करते है।
राहुल गाँधीअपने देश के पीएम नरेंद्र मोदी के बहाने देश के लोकतंत्र पर हमला बोलते तनिक भी नहीं
हिचकिचाते । चीन की तरफदारी कर राहुल देश को ही कटघरे में खड़ा करते रहे है । मगर वे यह भूल गए
देश की जनता ने नेहरू, इंदिरा और राजीव की भांति मोदी को भी प्रचंड बहुमत के साथ देश का ताज पहनाया
है। वे यह भी कहते है भारत एक राष्ट्र नहीं है। जब से कांग्रेस देश की सत्ता से बाहर हुई है तब से उनकी हालत
बिन पानी मछली सी हो रही है। धीरे धीरे कांग्रेस लगातार अपना वजूद खोती जा रही है मगर सुधरने का
नाम नहीं ले रही है। गौरतलब है राहुल ने देश की सवैंधानिक संस्थाओं यथा चुनाव आयोग, न्यायालय और
प्रेस पर भी समय समय पर हमला बोला। मोदी और भाजपा की आलोचना खूब कीजिये जनाब, मगर देश
को बक्श दीजिये जनाब। राहुल देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर अपनी बात कहे और इन मुद्दों पर
मोदी और सरकार की जमकर आलोचना करें यह समझ में आने वाली है मगर भारत की तुलना पाक और श्री
लंका से करें तो देशवासियों का चिंतित होना लाज़िमी है। राहुल ने अनेक बार चीन की चर्चा करते हुए देश की
अस्मिता पर भी हमला बोला। कांग्रेस में यह क्या हो रहा है, अपनी पार्टी को संगठित करने के बजाय देश को
तोड़ने वाली बातें कर क्या हासिल करेंगे यह समझ से बाहर है।