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जनजाति अंचल के काश्तकारों का सहारा बनी राजस्थान सरकार

जनजाति अंचल के काश्तकारों का सहारा बनी राजस्थान सरकार

  • मानसून पूर्व जिले में 1 लाख 20 हजार किसानों को मिलेंगे मक्का के निःशुल्क बीज मिनीकिट

  • अब तक 20 हजार हाइब्रिड मक्का के निःशुल्क मिनीकिट का हो चुका वितरण

उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को राहत प्रदान करने के लिए समस्त संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में प्रदेश में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ फसलों के लिए किसानों की तैयारियों को देखते हुए राज्य सरकार ने दक्षिण राजस्थान के जनजाति अंचल में प्रमुख रूप से बोई जाने वाली मक्का के उन्नत बीज निःशुल्क देने का फैसला किया है और किसानों को बीजों का वितरण प्रारंभ भी हो चुका है।
राज्य सरकार के निर्देशों पर किसानों की पैदावार बढ़ाने तथा कमजोर आय वर्ग किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज की आसानी से उपलब्धता हेतु कृषि विभाग द्वारा इस बार 1 लाख 20 हजार किसानों को हाइब्रिड मक्का के बीजों मिनीकिट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। इस मुहिम के तहत अब तक उदयपुर जिले में विभाग द्वारा 20 हजार किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण किया जा चुका है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य योजनांतर्गत अनुसूचित क्षेत्र के सभी वर्गों के किसानों(एसटी एवं नॉन एसटी) को निःशुल्क बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना के जरिए सरकार कृषकों को बुवाई हेतु उचित बीज निःशुल्क मुहैया करवाती है जो किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास है।
आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत बीजों का उपयोग आज के समय में कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार की ओर से निःशुल्क वितरित किये जा रहे ये बीज मिनीकिट किसानों को अधिक मुनाफा प्राप्त करने के अवसर प्रदान करते है।

किसानों के सामने यह है चुनौती:
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बुवाई हेतु उचित बीज का चयन करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती रहता है, विशेषकर वे किसान जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। राजस्थान सरकार द्वारा इस समस्या का समाधान करने के लिए अनुसूचित क्षेत्र में उक्त योजना के माध्यम से कमजोर आय वर्ग के किसानों तक बीज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से, सरकार उन गाँवों और क्षेत्रों को चुन रही है जहाँ अधिकांश कमजोर आय वर्ग के किसान हैं और उन्हें उपयुक्त बीज उपलब्ध कराए जा रहे है।

सिर्फ बीज ही नहीं खाद व उपकरण भी देने की योजना:
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस योजना के अंतर्गत किसानों के लिए आवश्यक उन्नत बीजों के साथकृसाथ खाद और उन्नत कृषि उपकरण भी प्रदान किये जाते हैं। इसके अलावा बीज वितरण के दौरान उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और अनुदानों की जानकारी भी प्रदान की जा रही है ताकि वे अपनी खेती में अधिक सफलता प्राप्त कर सकें। यह योजना कृषि विकास में समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे गरीब किसानों को भी कृषि क्षेत्र में विकास के समान अवसर प्राप्त होंगे।

महिला काश्तकारों को हो रहा वितरण:
कृषि विभाग के उपनिदेशक माधोसिंह चंपावत ने बताया कि उदयपुर जिले में मक्का किस्म डीएचएम 121 के अब तक 1 लाख 20 हजार मिनीकिट वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध 20 हजार मिनीकिट ऑनलाइन माध्यम से वितरित किये जा चुके है। मिनिकिट वितरण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जा रही है। योजनांतर्गत मिनिकिट महिला के नाम से दिये जा रहे हैं, चाहे भूमि महिला के पति/पिता या ससुर के नाम से हो। उन्होंने बताया कि पात्र किसान अपने जनाधार कार्ड के माध्यम से अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक से निःशुल्क किट प्राप्त कर सकते हैं।

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