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भारी बारिश से राजस्थान बेहाल : जयपुर डूबा, कोटा में भूस्खलन

भारी बारिश से राजस्थान बेहाल : जयपुर डूबा, कोटा में भूस्खलन

जयपुर। राजस्थान के कई जिलों में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी जयपुर में सुबह से शुरू हुई तेज बरसात ने देखते ही देखते शहर को पानी-पानी कर दिया। करीब दो घंटे तक लगातार हुई बारिश से पुराने शहर से लेकर पॉश इलाकों तक सड़कें जलमग्न हो गईं। हवामहल, चांदी की टकसाल और सुभाष चौक जैसे इलाकों में घरों तक पानी घुस गया, वहीं मालवीय नगर, सी-स्कीम और टोंक रोड पर वाहन जलभराव में फंस गए। कई जगहों पर दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।

बरसात का असर अस्पतालों तक दिखाई दिया। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस हॉस्पिटल में पानी भरने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक़्क़त का सामना करना पड़ा। दवा काउंटर और बिलिंग काउंटर पर पानी भर जाने से अस्पताल का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं कई इलाकों में बिजली गुल होने से स्थानीय लोग परेशान रहे। चांदी की टकसाल क्षेत्र स्थित काले हनुमानजी मंदिर तक में बारिश का पानी घुस गया। मंदिर प्रशासन ने पानी रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, लेकिन तेज़ बहाव को थामना संभव नहीं हो सका।

कोटा जिले में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दीं। दरा रेलवे स्टेशन के पास नागदा रेलखंड पर लैंडस्लाइड हो गया, जिससे कोटा-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित हो गया। सुरक्षा कारणों से नौ ट्रेनों को रोकना पड़ा, जिनमें गरीब रथ, बांद्रा-जयपुर सुपरफास्ट, मुंबई-दुरंतो सुपरफास्ट और स्वर्ण मंदिर मेल जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर दरा नाले के पास पानी भरने से सड़क यातायात भी बाधित रहा।

दौसा जिले में बारिश जानलेवा साबित हुई। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कालाखो गांव के पास पुलिस बस खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में दो पुलिसकर्मी और कई अन्य लोग घायल हो गए। फिसलन और कम दृश्यता को टक्कर का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और पुलिसकर्मियों को मशक्कत कर बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

सीकर जिले के फतेहपुर में भी सुबह आधे घंटे तक हुई तेज बरसात से निचले इलाकों में पानी भर गया। अंबेडकर नगर, मंडावा रोड और साइ बाजार जैसे क्षेत्रों में हालात बिगड़ गए। मंडावा अंडरपास में करीब छह फीट पानी भरने के कारण रास्ता बंद करना पड़ा।

भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हालात और भी गंभीर हैं। यहां पिछले पांच दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कई गांवों में पानी कमर तक भर गया है। धनीपुरा गांव में लोग घरों में कैद हैं और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। जयपुर में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालु बारिश और जलभराव की बाधाओं के बावजूद मंदिरों तक पहुंचे, जो आस्था और कठिनाइयों के संघर्ष का अनोखा दृश्य रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उ.प. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आज तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर (WML) बन गया है। इसके आगामी 24 घंटों में उड़ीसा, MP की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते आज से ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। आगामी 3-4 दिन पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी भागों के कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में मध्यम से भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की संभावना है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में 5 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व जोधपुर संभाग में 5 से 7 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश होने की संभावना है।

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