कुष्ठ जागरूकता के लिए निकाली रैली
जिले में कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू
दौसा . जिले में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारंभ सोमवार को किया गया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में कुष्ठ रोग की भ्रांतियों को दूर किया गया तथा कारण व निवारण विषयक अनेक जागरूकता संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मागांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुभाष बिलोनिया व उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने अभियान की शुरूआत दौसा जिला मुख्यालय पर सुबह रैली को हरी झंडी दिखाकर की। रैली को सुबह 10 बजे जिला सामान्य अस्पताल स्थित नसिर्ंग प्रशिक्षण केन्द्र से गांधी सर्किल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद एएनएमटीसी में 11 बजे से वाद-विवाद प्रतियोगिता और कुष्ठ रोग पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। प्रश्नोत्तरी में राधा सैनी प्रथम, प्रियांशी मल्होत्र द्वितीय और निरमा सैनी तीसरे स्थान पर रही। सभी विजेताओं को पुरस्कार दिए गए।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ बिलोनिया ने कहा कि कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं है, इसका उपचार संभव है। इसलिए कुष्ठ रोग होने पर इसकी पहचान और समय पर उपचार जरूरी है। कुष्ठ रोग होने पर घबराएं नहीं, न ही किसी नीम-हकीम के चक्कर में पडें। कुष्ठ रोग का उपचार सभी राजकीय अस्पतालों में निशुल्क किया जाता है। कुष्ठ रोग होने पर संयम रखें और जागरूकता रखें। यह छूत की बीमारी नहीं है, इसलिए कुष्ठ रोगियों के साथ छुआछुत का व्यवहार नहीं करें, बल्कि उनकी उपचार में मदद करें। इसका उपचार 6 से 12 माह में संभव है।
डिप्टी सीएमएचओ डा. दीपक शर्मा ने कहा कि चमड़ी पर चमड़ी के रंग से फीका, एक या एक से अधिक दाग या धब्बे, जिसमें सुन्नपन, सूखापन, पसीना न आता हो, खुजली या जलन, चुभन न होती हो, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। शरीर पर, चेहरे पर, भौंहो के ऊपर, कानों के ऊपर सूजन-गठान, दाने या तैलीय चमक दिखाई पड़े, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। हाथ पैर में सुन्नता, सूखापन एवं कमजोरी होने पर भी कुष्ठ की जांच करवाएं।